35 वर्षों की तपस्या को मिला सम्मान: विज्ञान शिक्षिका सरिता गुप्ता की विदाई ने नम कर दीं आंखें

रोशनी/ खंडवा-शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और समाज के भविष्य को दिशा देने का माध्यम होती है। इसी सोच को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर पुष्पा हाई स्कूल, रोशनी में 35 वर्षों तक निरंतर सेवाएं देने वाली विज्ञान शिक्षिका सरिता गुप्ता ने हजारों विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा प्रदान की। बुधवार, 5 अगस्त 2026 को उनके सेवानिवृत्ति समारोह में विद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय ने भावभीनी विदाई देकर उनके योगदान को नमन किया।

सरिता गुप्ता ने ऐसे समय में रोशनी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं, जब यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। गांव में नियमित बिजली उपलब्ध नहीं थी, पेयजल के पर्याप्त साधन नहीं थे, सड़कें कच्ची थीं और यातायात के संसाधन भी सीमित थे। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने कर्तव्य से पीछे हटने का विचार नहीं किया।

उन्होंने शिक्षा को अपना धर्म मानते हुए हर परिस्थिति में विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी।विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय को सरल और व्यवहारिक ढंग से पढ़ाने की उनकी विशेष शैली विद्यार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय रही। उन्होंने केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष बल दिया। उनके मार्गदर्शन में पढ़े अनेक विद्यार्थी आज प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, पुलिस, सेना तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उनकी सफलता में सरिता गुप्ता के मार्गदर्शन और प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सेवानिवृत्ति समारोह का शुभारंभ विद्यालय के मैनेजर फादर मनु द्वारा सरिता गुप्ता के स्वागत एवं सम्मान से हुआ। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। गीत, नृत्य एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया।

विद्यालय की प्राचार्य सिस्टर फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि सरिता गुप्ता ने अपने पूरे सेवाकाल में समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिचय दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहीं।

वरिष्ठ शिक्षक अशोक सिंह चौहान ने कहा कि 35 वर्षों का यह सफर केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पित जीवन की प्रेरणादायक यात्रा है। उन्होंने कहा कि सरिता गुप्ता का शांत स्वभाव, कार्य के प्रति निष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति स्नेह आने वाली पीढ़ियों के शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बना रहेगा।

अपने उद्बोधन में सरिता गुप्ता ने विद्यालय परिवार, प्रबंधन, सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रोशनी की यह धरती, यहां के विद्यार्थी और विद्यालय परिवार हमेशा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मैनेजर फादर मनु, प्राचार्य सिस्टर फातिमा, सिस्टर एंटोनीम्मल, वरिष्ठ शिक्षक अशोक सिंह चौहान, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने सरिता गुप्ता को स्मृति चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

यह समारोह केवल एक विदाई नहीं था, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पित एक ऐसी शिक्षिका के प्रति सम्मान का अवसर था, जिन्होंने 35 वर्षों तक ग्रामीण अंचल में ज्ञान का दीप जलाकर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

ग्राम तक न्यूज की ओर से विशेष संपादकीय

“एक शिक्षिका की विदाई नहीं, एक युग का सम्मान”

शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। अपने ज्ञान, संस्कार और समर्पण से वे ऐसी पीढ़ियां तैयार करते हैं, जो आगे चलकर देश और समाज की प्रगति का आधार बनती हैं। पुष्पा हाई स्कूल, रोशनी की विज्ञान शिक्षिका आदरणीय सरिता गुप्ता का 35 वर्षों का सेवाकाल इसी समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है।

ग्रामीण अंचल में उस दौर में शिक्षा की अलख जगाना, जब बिजली, सड़क, परिवहन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, किसी तपस्या से कम नहीं था। ऐसे समय में उन्होंने केवल एक शिक्षिका का दायित्व नहीं निभाया, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों को पंख दिए और उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की।

आज जब वे औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हुई हैं, तब यह कहना उचित होगा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उसकी शिक्षा, उसके संस्कार और उसकी प्रेरणा सदैव अपने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में जीवित रहती है। उनके पढ़ाए विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के शिखर पर हैं और यही किसी शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

ग्राम तक न्यूज आदरणीय सरिता गुप्ता मैडम के 35 वर्षों के उत्कृष्ट, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी शिक्षकीय योगदान को सादर नमन करता है। हम उनके स्वस्थ, सुखद, सक्रिय एवं सम्मानपूर्ण जीवन की मंगलकामना करते हैं तथा आशा करते हैं कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

💐 ग्राम तक न्यूज परिवार की ओर से आदरणीय सरिता गुप्ता मैडम को सेवानिवृत्ति पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं भावभीनी सम्मान। आपके द्वारा प्रज्वलित ज्ञान का दीप सदैव समाज को आलोकित करता रहेगा।

 

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