नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव, 200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया संकल्प | जिला स्तरीय विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान

खंडवा- युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक रूप से उपयोग करने तथा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का संदेश देते हुए खंडवा में जिला स्तरीय “विकसित भारत युवा कनेक्ट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना, खंडवा के तत्वावधान में “नशामुक्ति–युवा भारत” थीम पर यह कार्यक्रम श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 200 से अधिक विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सहभागिता की और नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, पूजन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। कन्या महाविद्यालय, खंडवा की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरती दुबे ने नशामुक्ति विषय पर प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत कर युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में माई भारत यूथ अधिकारी श्रीमती पल्लवी दुबे, यूथ आइकॉन श्री हिमांशु राज, नशामुक्ति जिला वॉलंटियर श्री विवेक पाटीदार तथा जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना प्रो. महेश भाबोर अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

युवा केवल जनसंख्या नहीं, राष्ट्र की विकास शक्ति हैं : डॉ. सोमपाल सिंह
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि वर्ष 2047 का भारत ऐसा होना चाहिए, जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों और आकांक्षाओं के अनुरूप हो। इसके लिए युवाओं को केवल राष्ट्र की जनसंख्या का हिस्सा बनकर नहीं, बल्कि राष्ट्र की विकास शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि सशक्त, अनुशासित और शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से देश के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। युवाओं की सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को गति प्रदान कर सकती है।

डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है। स्वस्थ मानव संसाधन, चरित्रवान युवा, नशामुक्त समाज, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, तकनीकी दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व भी विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से पूरी तरह दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, शोध, नवाचार, उद्यमिता, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसी सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की उत्पादकता, सामाजिक स्थिरता और भारत के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संकल्प है।

विकसित भारत @2047 में युवा बनें सक्रिय सहभागी
माई भारत यूथ अधिकारी श्रीमती पल्लवी दुबे ने युवाओं को विकसित भारत @2047 के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने वाले सक्रिय नागरिक के रूप में आगे आना चाहिए।

उन्होंने माई भारत पोर्टल, युवा संसद सहित युवाओं के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों, कार्यक्रमों और अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर नेतृत्व क्षमता, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व को विकसित करने का आह्वान किया।

नशे के दुष्परिणामों से विद्यार्थियों को कराया अवगत
कार्यक्रम के दौरान यूथ आइकॉन श्री हिमांशु राज ने “नशामुक्ति–युवा भारत” विषय पर PPT प्रस्तुति एवं उद्बोधन दिया। उन्होंने नशे के विभिन्न रूपों, इसके व्यक्तिगत एवं सामाजिक दुष्परिणामों तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रभावी उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने युवाओं से अपने आसपास के वातावरण के प्रति सजग रहने और नशे की प्रवृत्ति से प्रभावित लोगों को जागरूक करने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि नशे से मुक्त होकर रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी तो इसका सीधा प्रभाव परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर पड़ेगा।

नशामुक्ति जिला वॉलंटियर श्री विवेक पाटीदार ने भी नशे से बचाव एवं नशा उन्मूलन में युवाओं की भूमिका पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और अपने साथियों को भी सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

मेडिटेशन और रिलैक्सेशन से मानसिक संतुलन का संदेश
कार्यक्रम में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए हार्टफुलनेस मेडिटेशन एवं रिलैक्सेशन का प्रयोगात्मक प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों को तनाव और मानसिक दबाव से निपटने के लिए ध्यान एवं सकारात्मक सोच की उपयोगिता से अवगत कराया गया।

इसके अलावा नशामुक्ति विषय पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और उससे बचाव का प्रभावी संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया।

200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 200 से अधिक विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। साथ ही विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में अपनी क्षमता और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम ने युवाओं के बीच यह संदेश मजबूत किया कि स्वस्थ, अनुशासित, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की वास्तविक ताकत हैं। शिक्षा, कौशल, नवाचार, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा के माध्यम से युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन मिलेश बर्डे एवं पूजा सोनवणे ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक प्रो. राखी उइके ने किया। आयोजन ने विद्यार्थियों में नशामुक्ति, स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, राष्ट्रभक्ति तथा विकसित भारत के प्रति जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

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