गुरु पूर्णिमा एवं श्रावण मास को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में, 29 जुलाई को होगा विशाल प्रसादी वितरण | जय भोलेनाथ ग्रुप और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए की व्यापक व्यवस्थाएं, पांच शिवलिंगों की होगी स्थापना

खंडवा- गुरु पूर्णिमा और पवित्र श्रावण मास के आगमन को लेकर शहर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बन गया है। भगवान शिव और गुरु परंपरा के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर प्रबंधन एवं जय भोलेनाथ ग्रुप ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के मुख्य अवसर पर विशाल प्रसादी वितरण के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। वहीं गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से प्रारंभ होने वाले श्रावण मास में पूरे माह विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और शिव आराधना के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयोजन समिति के मनोहर शमनानी ने बताया कि इस वर्ष भी आयोजन पूरी श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ किया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि जय भोलेनाथ ग्रुप द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सब्जी-पूरी, पानी-पूरी, हलवा, भजिया, हरी मिर्च एवं आलू के पकोड़े प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। उन्हें चॉकलेट, पेन, पेंसिल, रबर, नोटबुक, बिस्कुट के पैकेट, केले तथा अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की जाएगी। आयोजन में मातृशक्ति भी पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्यों में सहभागिता निभाएगी और प्रसादी वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करेगी।

मनोहर शमनानी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दूसरे दिन से प्रारंभ होने वाले श्रावण मास को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच शिवलिंगों की विधिवत स्थापना सभा कक्ष में की जा रही है। इन शिवलिंगों पर पूरे श्रावण मास में श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि अभिषेक के लिए आवश्यक दूध, गंगाजल और पूजन सामग्री मंदिर प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप एवं अन्य वैदिक अनुष्ठानों के लिए योग्य एवं अनुभवी पुरोहितों की व्यवस्था भी की गई है। इच्छुक श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन से संपर्क कर अपनी सुविधा के अनुसार पूजा-अर्चना का समय निर्धारित करा सकते हैं।

आयोजन समिति ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। समिति ने कहा कि जो श्रद्धालु आयोजन में सहयोग देना चाहते हैं, वे मंदिर परिसर में रखी दान पेटी में अपनी श्रद्धानुसार सहयोग राशि अर्पित कर सकते हैं या सीधे मंदिर प्रबंधन से संपर्क कर सहयोग प्रदान कर सकते हैं।

श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इसी कारण मंदिर में पूरे माह विशेष धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और शिव आराधना का वातावरण रहेगा। गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास के इस संयुक्त आयोजन को लेकर शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं धार्मिक वातावरण से सजाया गया है।

आयोजन समिति का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना ही नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश देना भी है। समिति ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस वर्ष का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक सहभागिता का यादगार अवसर बनेगा।

हर-हर महादेव। जय श्री दादाजी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *