कंधों पर कांवड़, दिल में महादेव की भक्ति: ओंकारेश्वर से खंडवा तक 3 घंटे 12 मिनट में दौड़े खिलाड़ी | खंडवा जिला कबड्डी संघ की पहली डाक कांवड़ यात्रा, नर्मदा जल से महादेवगढ़ में किया भोलेनाथ का अभिषेक

खंडवा- श्रावण मास में भगवान शिव की भक्ति का रंग पूरे अंचल में दिखाई दे रहा है। शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और हर ओर हर-हर महादेव, बोल बम के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। इसी शिवभक्ति के बीच खंडवा में खेल और आस्था का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिले के खिलाड़ियों ने खेल मैदान से निकलकर कांवड़ उठाई और भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डाक कांवड़ यात्रा पूरी की।

खंडवा जिला कबड्डी संघ के तत्वावधान में पहली बार आयोजित इस डाक कांवड़ यात्रा में जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर तक की यात्रा की। आयोजकों के अनुसार, खिलाड़ियों ने यह दूरी महज 3 घंटे 12 मिनट में पूरी की।

खेल की ऊर्जा और शिवभक्ति का अद्भुत संगम

डाक कांवड़ यात्रा के दौरान खिलाड़ियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। कांवड़ में मां नर्मदा का जल लेकर खिलाड़ी पूरे जोश के साथ खंडवा की ओर रवाना हुए। रास्तेभर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।

खिलाड़ियों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं थी, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और आस्था का भी परिचय बनी। खेल के मैदान में अपनी फिटनेस और ऊर्जा के लिए पहचाने जाने वाले इन खिलाड़ियों ने कांवड़ यात्रा में भी उसी उत्साह और संकल्प का प्रदर्शन किया।

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कांवड़ यात्रा की विशेष धार्मिक मान्यता है। देशभर के साथ खंडवा जिले में भी विभिन्न स्थानों से कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं। इसी परंपरा को खेल जगत से जोड़ते हुए जिला कबड्डी संघ ने पहली बार खिलाड़ियों की डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया।

ओंकारेश्वर से लेकर आए नर्मदा जल

यात्रा में शामिल खिलाड़ियों ने तीर्थनगरी ओंकारेश्वर पहुंचकर मां नर्मदा का जल कांवड़ में भरा। इसके बाद भगवान शिव के जयघोष के साथ खंडवा के लिए डाक कांवड़ यात्रा शुरू की गई।

आयोजकों के अनुसार, खिलाड़ियों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और संकल्प के साथ यात्रा पूरी की। ओंकारेश्वर से खंडवा महादेवगढ़ मंदिर तक का सफर 3 घंटे 12 मिनट में पूरा करना इस यात्रा का विशेष आकर्षण रहा।

यात्रा के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग में भक्ति और ऊर्जा का माहौल बना रहा। खिलाड़ियों ने अपनी यात्रा के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि खेल और आध्यात्मिकता एक-दूसरे से अलग नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा दोनों की बुनियाद हैं।

महादेवगढ़ पहुंचकर किया भोलेनाथ का जलाभिषेक

डाक कांवड़ यात्रा जब खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर पहुंची तो वहां भक्तिमय वातावरण बन गया। खिलाड़ियों ने ओंकारेश्वर से साथ लाए मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महादेव को नमन किया।

इस अवसर पर महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल की उपस्थिति रही। खिलाड़ियों ने भगवान शिव से शक्ति, ऊर्जा और सफलता का आशीर्वाद मांगा।

अभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद खिलाड़ियों में यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। पहली बार आयोजित इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और आयोजकों में संतोष दिखाई दिया।

पहली बार हुई खिलाड़ियों की डाक कांवड़

कांवड़ यात्रा के अध्यक्ष संदीप सोलंकी तथा यात्रा समन्वयक उमेश खाड़े ने बताया कि खंडवा में पहली बार जिला कबड्डी संघ के तत्वावधान में खिलाड़ियों के लिए डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में शुरुआत से ही उत्साह था। खिलाड़ियों ने पूरे अनुशासन और समर्पण के साथ यात्रा में भाग लिया और सफलतापूर्वक इसे पूरा किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाले समय में खिलाड़ियों और युवाओं को धार्मिक, सामाजिक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रेरणादायक साबित हो सकता है।

बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

डाक कांवड़ यात्रा में जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें संदेश अग्निहोत्री, कपिल महानूर, नवनीत खराट, मोहित पटेल, सखाराम चौहान, गणेश पखाले, तिलक मौसा, गणेश पटेल, संदीप करोड़ी, सचिन राजपूत, उज्ज्वल, परमेश्वर पटेल, लक्की चौहान, मुन्ना बिंदोले, रामशंकर, नारायण पटेल, विशाल तंवर, ओमप्रकाश गोरे, रणवीर सिंह धारवे, सौम्य फूलमाली, नेपाल चौहान, शिव पटेल, पवन, अंजलेश यादव, पवन योगी, दुर्गेश चौहान, रुद्र प्रताप सिंह, सागर खड़वसे, चरण सिंह, अजय प्यारे, अनिल पारलके और सिद्धार्थ माली सहित अन्य खिलाड़ी शामिल रहे।

जयघोष से गूंजता रहा यात्रा मार्ग

डाक कांवड़ के दौरान खिलाड़ियों ने लगातार हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष किए। इससे यात्रा मार्ग शिवभक्ति से सराबोर नजर आया। कांवड़ में नर्मदा जल और मन में भगवान शिव के प्रति आस्था लेकर निकले खिलाड़ियों ने अपनी खेल भावना के साथ धार्मिक श्रद्धा का भी परिचय दिया।

श्रावण मास में आयोजित यह डाक कांवड़ यात्रा खंडवा के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें खेल, अनुशासन, शारीरिक क्षमता, टीम भावना और शिवभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। ओंकारेश्वर से महादेवगढ़ तक पूरी हुई इस यात्रा ने श्रावण की भक्ति को एक अलग और प्रेरणादायक रूप दिया।

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