हर घर तिरंगा अभियान में शब्दों से गूंजा राष्ट्रप्रेम, विद्यार्थियों ने पत्रों में लिखी देशभक्ति की भावना | श्री नीलकंठेश्वर महाविद्यालय में पत्र-लेखन प्रतियोगिता, भावना धनपाल भोयार प्रथम, दीपिका राजपूत द्वितीय और लव गोयल तृतीय

खंडवा- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में संचालित हर घर तिरंगा अभियान-2026 के अंतर्गत श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में विद्यार्थियों के लिए विशेष पत्र-लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रगौरव, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान की भावनाओं को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त करने का अवसर मिला।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल लेखन प्रतिभा को मंच प्रदान करना नहीं था, बल्कि युवा पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, सैनिकों के त्याग और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व से जोड़ना भी रहा।

तिरंगे को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों ने व्यक्त किए भाव

प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को देशभक्ति और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न विषय दिए गए। प्रतिभागियों ने “तिरंगे के नाम एक पत्र—राष्ट्रगौरव, एकता और देशभक्ति” विषय के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपने भावों को शब्दों में पिरोया।

इसके अलावा विद्यार्थियों ने देशभक्ति से प्रेरित ऐतिहासिक पत्र, सीमा पर तैनात सैनिक और उसके परिवार के बीच पत्र तथा थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना से संबंधित ऐतिहासिक आदेश, संदेश अथवा परिपत्र की शैली में अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।

पत्रों में विद्यार्थियों ने देश की एकता और अखंडता, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, सैनिकों के त्याग और राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कई प्रतिभागियों ने तिरंगे को केवल राष्ट्रीय ध्वज के रूप में नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव, स्वतंत्रता और संप्रभुता के प्रतीक के रूप में अपनी भावनाओं से जोड़ा।

रचनात्मकता के साथ दिखाई दी राष्ट्रभक्ति की भावना

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और विषय के प्रति संवेदनशीलता विशेष रूप से देखने को मिली। पत्रों में भाषा और अभिव्यक्ति के साथ-साथ देशभक्ति की भावना को प्रमुखता दी गई। विद्यार्थियों ने अपने लेखन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी है।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में भौतिकशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश दुबे एवं डॉ. आशुतोष तिवारी शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना का मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं।

भावना प्रथम, दीपिका द्वितीय और लव गोयल तृतीय

पत्र-लेखन प्रतियोगिता में भावना धनपाल भोयार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दीपिका राजपूत ने द्वितीय तथा लव गोयल ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य विद्यार्थियों के प्रयासों की भी सराहना की गई।

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन डॉ. रीना मुजाल्दे एवं डॉ. सपना तिवारी द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विषयों को समझते हुए अपने विचारों को प्रभावी एवं रचनात्मक स्वरूप प्रदान किया।

युवाओं में राष्ट्रीय चेतना विकसित करने का सार्थक प्रयास

हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज और देश के प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सार्थक मंच प्रदान किया। पत्र लेखन जैसी रचनात्मक विधा के माध्यम से विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम को केवल नारों तक सीमित न रखते हुए विचारों और संवेदनाओं के रूप में प्रस्तुत किया।

इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से जब विद्यार्थी सैनिकों के त्याग, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और तिरंगे के गौरव को अपने शब्दों में व्यक्त करते हैं, तो उनमें राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होती है।

राष्ट्रप्रेम को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का माध्यम बने ऐसे आयोजन

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. विपिन कुमार जैन ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल एवं सहयोगी प्राध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम को रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियों का आयोजन आवश्यक है। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्वों और प्रतीकों के महत्व को समझने का अवसर भी मिलता है।

हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आयोजित पत्र-लेखन प्रतियोगिता इस दृष्टि से एक सार्थक पहल रही, जिसमें शब्दों के माध्यम से तिरंगे के प्रति सम्मान, देश के प्रति गौरव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को अभिव्यक्ति मिली। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि राष्ट्रनिर्माण केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से भी मजबूत होता है।

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