खण्डवा में विकास कार्यों की समीक्षा: प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने नगर निगम की पेयजल व्यवस्था की सराहना की, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर

खण्डवा- प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा खण्डवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

बैठक में नगर निगम, वन विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मार्केटिंग फेडरेशन, कृषि विभाग और सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, विधायक श्री नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर निगम की पेयजल व्यवस्था की प्रभारी मंत्री ने की सराहना

समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने विशेष रूप से खण्डवा नगर निगम की ग्रीष्मकालीन पेयजल वितरण व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान नगर निगम की टीम ने नागरिकों तक नियमित रूप से पेयजल पहुंचाने के लिए सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे कार्य प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में भी नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

वर्षा ऋतु में सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

प्रभारी मंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शहर में नियमित सफाई व्यवस्था, फॉगिंग, जल निकासी और स्वच्छता की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के आकस्मिक निरीक्षण के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

किसानों के हित में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

बैठक में बताया गया कि जिले में मूंग उपार्जन के लिए नौ केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा अतिरिक्त केंद्रों की मांग उठाए जाने पर प्रभारी मंत्री ने उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले में खाद, बीज और बारदाने की उपलब्धता की भी समीक्षा की। डीएपी उर्वरक की कम आपूर्ति को देखते हुए उन्होंने कृषि विभाग को किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने और पर्याप्त कृषि आदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने इन संस्थाओं की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों के दल गठित करने और नियमित आकस्मिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर आवास, भोजन, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनहित और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। शासन की मंशा है कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और विकास कार्यों का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें और विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करें।

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