धार- अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मालवा प्रांत के तत्वावधान में शनिवार को धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मां सरस्वती वाग्देवी मंदिर में विशाल दर्शन यात्रा, पूजन-अर्चन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और महाआरती का आयोजन किया गया। किला मैदान से प्रारंभ हुई यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर भोजशाला पहुंची, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और कार्यकर्ताओं ने मां सरस्वती वाग्देवी के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
दोपहर 4 बजे किला मैदान से निकली यात्रा घोड़ा चौपाटी, मोहन टॉकीज और आनंद राजवाड़ा मार्ग से होते हुए भोजशाला परिसर पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लिए “मां सरस्वती वाग्देवी की जय”, “राजा भोज अमर रहें” और अन्य धार्मिक उद्घोष करते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।

भोजशाला परिसर में पहुंचने के बाद संत-महात्माओं के सान्निध्य में मां सरस्वती वाग्देवी का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया और महाआरती में सहभागिता की। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण और भक्ति का उल्लास देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद मालवा प्रांत के संगठन महामंत्री संजय यादव ने बताया कि दर्शन यात्रा में प्रांत अध्यक्ष महंत ओमप्रकाश भारती, संत विजय गिरी महाराज, गुणानंदन महाराज, अजय महाराज, प्रांत महामंत्री किशोर यादव, राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष अनिल सिंगार, कोषाध्यक्ष मुकेश पाटीदार, प्रांत उपाध्यक्ष संतोष परमार, प्रांत मंत्री देवेंद्र अजाना सहित अनेक संत, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
संगठन के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर भोजशाला से जुड़े लंबे आंदोलन और उसके इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से हिंदू समाज मां सरस्वती वाग्देवी मंदिर में निर्बाध पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग करता रहा है। उन्होंने वर्ष 2003 से लेकर विभिन्न चरणों में चले आंदोलनों, विरोध प्रदर्शनों तथा न्यायालयों में चली कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से भी जुड़ा रहा है।
संगठन ने दावा किया कि हाल के न्यायिक निर्णयों के बाद हिंदू समाज को पूजा-अर्चना के अधिकार को लेकर सकारात्मक स्थिति बनी है। पदाधिकारियों ने न्यायपालिका द्वारा दिए गए निर्णयों का स्वागत करते हुए इसे हिंदू समाज की आस्था की जीत बताया। साथ ही उन्होंने भोजशाला से जुड़े सभी पक्षों से न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करने की बात भी कही।
कार्यक्रम के दौरान संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में प्रशासन को लिखित सूचना देने के बावजूद यात्रा की अनुमति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। इस दौरान किला मैदान पर पुलिस अधिकारियों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच कुछ समय तक चर्चा और नोकझोंक भी हुई। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद निर्धारित समय पर यात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, जिसके बाद पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
भोजशाला पहुंचने पर भोज उत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने संतों एवं पदाधिकारियों का भगवा दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को भोजशाला के इतिहास, आंदोलन और उसके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी।

इस आयोजन में खंडवा, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, देवास, झाबुआ, शाजापुर, आगर-मालवा सहित मालवा क्षेत्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए। धार जिले के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने यात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला मंत्री राहुल बैरागी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य मां सरस्वती वाग्देवी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना तथा भोजशाला के ऐतिहासिक महत्व के प्रति समाज में जनजागरण करना था। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी संतों, कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और सहयोगी संस्थाओं का आभार भी व्यक्त किया।
