रीवा-भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) आज देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रक्षक कवच बन चुकी है। दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में स्थापित यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक आमजन की पहुंच को आसान बना रहा है, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग को महंगे इलाज की चिंता से भी मुक्त कर रहा है। यह बात मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को रीवा में आयोजित पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम में कही।
आयुष्मान योजना ने गरीबों को दिया सम्मानजनक इलाज का अधिकार
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक तंगी, अशिक्षा और संसाधनों की कमी के कारण गरीब परिवार गंभीर बीमारियों का इलाज कराने में असमर्थ रहते थे। कई परिवार इलाज के खर्च के कारण कर्ज में डूब जाते थे या फिर उपचार ही नहीं करा पाते थे। लेकिन आज आयुष्मान कार्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिल रही है। आयुष्मान कार्ड धारकों को अब देश के बड़े और आधुनिक अस्पतालों में भी बिना आर्थिक बोझ के इलाज उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि गरीब और वंचित वर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देने वाला सामाजिक परिवर्तन का अभियान है।
मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं की सफलता तभी संभव है, जब उनकी जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इनका लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार और मीडिया के साझा प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच बना रहे हैं।
विकसित भारत के निर्माण में योजनाओं की अहम भूमिका

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार अपनी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। योजनाओं में समय-समय पर सुधार और विसंगतियों को दूर करने के कारण उनका लाभ बड़ी संख्या में आमजन तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, ऊर्जा, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार के प्रयास विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।
सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से आएगा सकारात्मक बदलाव
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, रीवा परिसर के प्रभारी डॉ. सत्येंद्र डेहरिया ने कहा कि आयुष्मान भारत, विकसित भारत-2047 और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं देश के समग्र विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की सकारात्मक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. मुकेश येंगले और श्री जयराम शुक्ल ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। छोटी-छोटी सकारात्मक पहलें समाज और राष्ट्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
पीआईबी द्वारा आयोजित इस मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, पीआईबी भोपाल के निदेशक श्री मनीष गौतम तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

स्वागत भाषण में पीआईबी भोपाल के निदेशक श्री मनीष गौतम ने कहा कि पत्र सूचना कार्यालय केंद्र सरकार और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पीआईबी विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न जिलों में संवाद और मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी और आर्थिक सहायता योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
विरासत से विकास तक की यात्रा पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में पूर्व मंत्री श्री पुष्पराज सिंह ने ‘विरासत से विकास तक’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण केवल पर्यटन विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
तकनीकी सत्र का संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो, रीवा के सहायक प्रचार अधिकारी श्री मुकेश मंडल ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र पांडे, प्रदीप गौतम, कनिष्क तिवारी सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रीवा में आयोजित पीआईबी का यह मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने का मंच नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि स्वास्थ्य सुरक्षा, जनभागीदारी और जागरूकता ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं। आयुष्मान भारत योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीतियों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना हो, तो सामाजिक बदलाव संभव है और देश को एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।
