जबलपुर- मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अपने नव नियुक्त सहायक अभियंताओं (AE) और कनिष्ठ अभियंताओं (JE) के तकनीकी कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑनलाइन टेक्निकल सेशंस के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षु अभियंताओं को आधुनिक विद्युत पारेषण प्रणाली की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराना, उनके व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत बनाना तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम तकनीकी कार्यबल तैयार करना है।
एमपी ट्रांसको द्वारा शुरू किए गए इन ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षु अभियंताओं को देश के अनुभवी विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे सीखने का अवसर मिल रहा है। डिजिटल माध्यम से संचालित यह कार्यक्रम न केवल समय और संसाधनों की बचत कर रहा है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ अभियंताओं को एक समान गुणवत्ता वाला तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रहा है।
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पहला चरण पहले ही अत्यंत सफल साबित हो चुका है। प्रथम चरण में 100 ऑनलाइन टेक्निकल सेशंस आयोजित किए गए थे, जिन्हें प्रशिक्षु अभियंताओं ने बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। प्रतिभागियों से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर कंपनी ने इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी स्वरूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, जिसके तहत अब दूसरा चरण प्रारंभ किया गया है।
द्वितीय चरण में अधीक्षण अभियंता सुनील यादव तथा कार्यपालन अभियंता अभिषेक वर्मा, प्रणय जोशी और आर.एस. यादव विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तार से व्याख्यान दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसमिशन लाइन की कार्यप्रणाली, सबस्टेशन उपकरणों का संचालन, ग्रिड ऑपरेशन, प्रोटेक्शन सिस्टम, मेंटेनेंस तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा विद्युत पारेषण प्रणाली से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर गहन जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ अभियंता अपने व्यावहारिक अनुभवों को भी साझा कर रहे हैं, जिससे प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की बेहतर समझ विकसित हो रही है।
एमपी ट्रांसको के जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत ओझा ने बताया कि प्रारंभिक चार से पांच सप्ताह तक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से नव नियुक्त एई एवं जेई प्रशिक्षुओं के लिए संचालित किया जाएगा। इसके बाद इस पहल का विस्तार करते हुए कंपनी के अन्य नियमित अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि संगठन के सभी तकनीकी अधिकारियों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया निरंतर जारी रह सके।
उन्होंने बताया कि तेजी से बदलती तकनीक और विद्युत क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए नियमित प्रशिक्षण आज समय की आवश्यकता बन चुका है। इसी उद्देश्य से एमपी ट्रांसको डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी जानकारियों से जोड़ रहा है, ताकि वे आधुनिक विद्युत पारेषण प्रणाली के अनुरूप अपनी कार्यक्षमता को लगातार विकसित कर सकें।
एमपी ट्रांसको की यह पहल संगठन में सतत् सीखने (Continuous Learning) की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्युत पारेषण प्रणाली के सुरक्षित, विश्वसनीय, निर्बाध एवं दक्ष संचालन को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। कंपनी का मानना है कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन ही भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकते हैं। यही कारण है कि एमपी ट्रांसको प्रशिक्षण, नवाचार और क्षमता निर्माण को अपनी कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाकर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
