चलती झेलम एक्सप्रेस में गर्भवती महिला को उठी प्रसव पीड़ा, DIAL 112 की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंची | हरसूद स्टेशन पर ट्रेन रुकवाकर मांगी गई मदद, सूचना मिलते ही FRV टीम ने पहुंचकर महिला को CHC हरसूद में कराया भर्ती

खंडवा- आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित DIAL 112 सेवा एक बार फिर अपनी उपयोगिता और संवेदनशीलता के कारण मददगार साबित हुई। रविवार तड़के झेलम एक्सप्रेस से यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित रेलवे स्टाफ ने तत्काल ट्रेन को हरसूद (छनेरा) रेलवे स्टेशन पर रुकवाया और DIAL 112 पर कॉल कर सहायता मांगी।

घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। ट्रेन में सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रेलवे स्टाफ ने बिना समय गंवाए सहायता के लिए पुलिस की DIAL 112 सेवा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही थाना हरसूद की DIAL 112 (FRV) वाहन पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल प्रतिक्रिया दी।

सूचना मिलते ही रेलवे स्टेशन पहुंची टीम

DIAL 112 पर सूचना प्राप्त होते ही प्रआर 180 हरिप्रसाद और पायलट सतीश सोनी तत्काल हरसूद रेलवे स्टेशन पहुंचे। दोनों ने परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। उन्होंने महिला को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरसूद पहुंचाया।

समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद महिला को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए CHC हरसूद में भर्ती कराया गया। आपात स्थिति में पुलिस टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता से महिला को समय रहते उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सका।

संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण

इस पूरी कार्रवाई में थाना हरसूद की DIAL 112 (FRV) टीम के प्रआर 180 हरिप्रसाद एवं पायलट सतीश सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आपात सूचना मिलने के बाद त्वरित मौके पर पहुंचना, महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारना और अस्पताल तक पहुंचाना पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता के साथ-साथ उनकी मानवीय संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

DIAL 112 सेवा का उद्देश्य संकट की स्थिति में नागरिकों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना है। हरसूद की यह घटना बताती है कि किसी भी आपात परिस्थिति में समय पर किया गया एक फोन और उसके बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

झेलम एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा से परेशान महिला के लिए रेलवे स्टाफ और DIAL 112 टीम का समन्वय तत्काल सहायता का माध्यम बना। वहीं, FRV वाहन के कर्मचारियों ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाई, वह आपातकालीन पुलिस सेवा की मानवीय भूमिका को भी रेखांकित करता है।

उल्लेखनीय हैं कि हरसूद अस्पताल में उपचार के लिए लाई गई गर्भवती महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया। महिला को खंडवा लाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, महिला को अचानक ब्लीडिंग होने लगी थी। हरसूद अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उसका परीक्षण कर प्राथमिक उपचार दिया। जांच के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे उच्च स्तरीय उपचार के लिए खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने महिला की जांच और आवश्यक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक महिला का गर्भ करीब सात माह का बताया गया है। करीब चार घंटे के उपचार एवं निगरानी के बाद महिला को लेबर रूम में शिफ्ट किया गया, जहां प्रसव की प्रक्रिया जारी है।
अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम महिला की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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