खंडवा- जिले के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें देश की प्रतिष्ठित कंपनियों से सीधे जोड़ने की दिशा में वन विभाग खंडवा द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शनिवार को चारखेड़ा स्थित बटरफ्लाई पार्क में वृत्त स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में क्षेत्र के एक हजार से अधिक युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि चयन प्रक्रिया के माध्यम से करीब 500 युवक-युवतियों का विभिन्न कंपनियों में रोजगार के लिए चयन किया गया।
रोजगार मेले का शुभारंभ प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सीसीएफ खंडवा बसु कनोजिया, डीएफओ राकेश कुमार डामोर सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
50 से अधिक कंपनियों ने की सहभागिता
चारखेड़ा में आयोजित रोजगार मेले में देश की 50 से अधिक कंपनियों ने सहभागिता की। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद करने और उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
मेले में 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण युवाओं के साथ ही ऐसे युवाओं को भी अवसर दिया गया, जो स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हैं। इस तरह रोजगार मेले को अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं के लिए उपयोगी मंच के रूप में तैयार किया गया।
करीब 500 युवाओं का रोजगार के लिए चयन
रोजगार मेले में कंपनियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 500 युवक-युवतियों का विभिन्न कंपनियों में रोजगार के लिए चयन हुआ। चयनित युवाओं को संबंधित कंपनियों द्वारा दो माह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान चयनित युवाओं को 13 हजार रुपये तक का भत्ता दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद युवाओं को उनकी योग्यता और कार्य की प्रकृति के अनुसार 20 हजार से 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन पर रोजगार के अवसर मिलने की जानकारी दी गई।
युवाओं और कंपनियों के बीच सीधा संपर्क
मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने वन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। रोजगार मेले युवाओं और रोजगार प्रदाता कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की भूमिका केवल वन एवं पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है। वन क्षेत्रों और उनके आसपास निवास करने वाले युवाओं के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए भी विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जनजातीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण पर विशेष जोर
मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर रोजगार मेलों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अवसर उपलब्ध करा रही है। जनजातीय वर्ग के युवाओं को बेहतर रोजगार दिलाने के लिए भी सरकार हर संभव सहायता कर रही है।
उन्होंने बताया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भी आवश्यक सहयोग दिया जाता है।
मंत्री ने हरसूद और खालवा क्षेत्र के कम पढ़े-लिखे जनजातीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सिक्योरिटी गार्ड और हैवी व्हीकल ड्राइवर का प्रशिक्षण एवं लाइसेंस दिलाने की बात कही। उनका उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें पहले की अपेक्षा बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
रोजगार के साथ कौशल विकास पर भी फोकस
चारखेड़ा का रोजगार मेला केवल तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। चयनित युवाओं को कंपनियों द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने से उन्हें संबंधित कार्यक्षेत्र की व्यावहारिक जानकारी और आवश्यक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इस पहल से उन युवाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसरों के कारण दूसरे शहरों या राज्यों में रोजगार की तलाश करते हैं। कंपनियों से सीधा संपर्क होने के कारण युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार के विकल्प समझने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला।
क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
डीएफओ राकेश कुमार डामोर ने बताया कि वन विभाग खंडवा द्वारा आयोजित इस रोजगार मेले में युवाओं की सहभागिता उत्साहजनक रही। बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने से यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र के युवा रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के प्रति गंभीर और उत्साहित हैं।
एक हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता और करीब 500 युवाओं का विभिन्न कंपनियों में चयन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
चारखेड़ा के बटरफ्लाई पार्क में आयोजित यह रोजगार मेला वन विभाग की उस व्यापक सोच को सामने लाता है, जिसमें वन एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ वन क्षेत्रों से जुड़े समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी महत्व दिया जा रहा है। रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने वाली ऐसी पहलें जिले के युवाओं के लिए भविष्य में भी नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।
