कृष्ण पर्व में गूंजे बघेली लोकगीत, भक्ति के रंग में रंगा रीवा | उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया श्रीकृष्ण पर्व का शुभारंभ, बोले- जन्माष्टमी कर्म पथ और भक्ति का देती है संदेश

रीवा- भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर रीवा में संस्कृति, भक्ति और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर निगम के टाउन हॉल में संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन के साथ विंध्य की समृद्ध बघेली लोक संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली।

उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके संदेश को वर्तमान जीवन के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हमें कर्म पथ पर चलने और भक्ति की भावना को आत्मसात करने का संदेश देता है।

धर्म की स्थापना के लिए संघर्ष का प्रतीक हैं श्रीकृष्ण

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए किए गए संघर्ष का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने बचपन से ही अनेक चुनौतियों का सामना किया और समाज में न्याय एवं धर्म की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गौवंश और ग्रामीण समाज की रक्षा का संदेश दिया। मथुरा में अत्याचार के प्रतीक कंस का वध कर उन्होंने अधर्म का अंत किया। वहीं महाभारत के युद्ध में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान देकर कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, मनुष्य को अपने कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।

गौ सेवा और कृष्ण भक्ति का बताया संबंध

उप मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के गौ प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण को गौ माता अत्यंत प्रिय थीं। इसी भावना के साथ जन्माष्टमी का पर्व सबसे पहले बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में गौ सेवकों के साथ मनाया गया।

उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौ माता के प्रति श्रद्धा केवल धार्मिक भावना तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन, कृषि और प्राकृतिक जीवन पद्धति से भी इसका गहरा संबंध है।

उन्होंने प्राकृतिक खेती का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ माता प्राकृतिक खेती का आधार हैं। गौ आधारित संसाधनों के उपयोग से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस पर गौ माता की कृपा होगी, उस पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा भी अवश्य होगी।

बघेली लोकगीतों से सजा कृष्ण पर्व

कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष भी बेहद आकर्षक रहा। प्रसिद्ध बघेली लोक गायिका कल्याणी मिश्रा ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन जीत लिया। उन्होंने गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की और इसके बाद पारंपरिक बघेली जन्मोत्सव गीत सोहर एवं कजरी की प्रस्तुति दी।

बघेली बोली की मिठास और लोक संगीत की सादगी ने पूरे वातावरण को अपनी ओर आकर्षित किया। पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास दर्शकों को खूब पसंद आया।

कृष्ण की बाल लीलाओं ने बांधा समां

इसके बाद कटनी से आईं कलाकार आस्था सिजारिया एवं उनके दल ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनोहारी नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कलाकारों ने नृत्य, अभिनय और संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी विभिन्न लीलाओं को जीवंत कर दिया।

नृत्य नाटिका के दौरान दर्शक देर तक भाव-विभोर होकर प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। बघेली लोकगीतों और कृष्ण की बाल लीलाओं ने मिलकर पूरे टाउन हॉल को कृष्ण भक्ति के रंग में रंग दिया।

लोक संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम

श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विंध्य की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता दी गई। बघेली लोकगीतों, पारंपरिक जन्मोत्सव गीतों और नृत्य नाटिका के माध्यम से स्थानीय कलाकारों ने क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक दौर में अपनी लोक भाषाओं, लोकगीतों और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक पर्वों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह प्रयास महत्वपूर्ण रहा।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन हुए शामिल

कार्यक्रम में सांसद जनार्दन मिश्र, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. पंचू लाल प्रजापति, विधायक मनगवां नरेंद्र प्रजापति, विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडे सहित पार्षदगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा कमिश्नर शीलेंद्र सिंह, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृष्टि देशमुख, अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन ने सहभागिता की।

कर्म, भक्ति और संस्कृति का संदेश

रीवा का श्रीकृष्ण पर्व धार्मिक आस्था के साथ कर्म, भक्ति, गौ सेवा और लोक संस्कृति का संदेश देने वाला आयोजन बना। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के संबोधन से जहां भगवान श्रीकृष्ण के कर्म दर्शन और गौ प्रेम को सामने रखा गया, वहीं स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बघेली संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की। पूरे आयोजन ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को श्रीकृष्ण के आदर्शों के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया।

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