रीवा- प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के उत्साहवर्धन और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से कृष्णाराज कपूर ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। निजी संस्था द्वारा आयोजित समारोह में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में लोक सेवकों का समर्पण और कार्यकुशलता अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में जो अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर रहे हैं, उनके कार्यों को पहचान और सम्मान मिलना जरूरी है।
सम्मान से बढ़ता है बेहतर कार्य का उत्साह
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले लोक सेवकों को सम्मानित करने से उन्हें और बेहतर कार्य करने का प्रोत्साहन मिलता है। सम्मान केवल एक प्रशस्ति पत्र या स्मृति चिन्ह तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह संबंधित व्यक्ति के कार्य के प्रति समाज और संस्था की स्वीकार्यता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके सकारात्मक कार्यों की सराहना से कार्यस्थल पर उत्साह का वातावरण बनता है और अन्य कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
विभिन्न विभागों के कर्मियों को मिला सम्मान
समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। सम्मानित होने वाले लोक सेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह समर्पण, जिम्मेदारी और कार्यकुशलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा व्यक्त की।
इन विभागों से जुड़े कर्मचारियों का कार्य सीधे आम नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ा है। महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा विद्युत जैसी सेवाओं में बेहतर कार्य का सीधा प्रभाव आमजन के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों का सम्मान उनके योगदान को रेखांकित करने के साथ-साथ सेवा भावना को मजबूत करने वाला कदम है।
लोक सेवा में समर्पण को प्रोत्साहन
समारोह में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सरकारी व्यवस्था में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियां नहीं निभाते, बल्कि वे शासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और तत्परता से नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिलने से कर्मचारियों में यह विश्वास मजबूत होता है कि उनके परिश्रम और समर्पण को पहचाना जा रहा है। इससे कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है और संस्थागत स्तर पर बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
सम्मान समारोह में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में सांसद जनार्दन मिश्रा, पूर्व मंत्री जय सिंह मरावी, राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह में सम्मान प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के चेहरों पर उत्साह और प्रसन्नता दिखाई दी। सम्मान ने उनके कार्य के प्रति जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संदेश दिया।
उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
कृष्णाराज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित यह सम्मान समारोह प्रशासनिक व्यवस्था में मेहनत, निष्ठा और उत्कृष्ट कार्य को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के संदेश ने यह स्पष्ट किया कि लोक सेवकों के अच्छे कार्यों की सराहना न केवल उनका मनोबल बढ़ाती है, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर प्रदर्शन और जनसेवा की भावना को मजबूत करती है।
