गौरव दिवस का सुरमयी समापन: गीतांजलि कार्यक्रम में गूंजे किशोर कुमार के अमर गीत, देशभर के कलाकारों ने दी यादगार प्रस्तुतियां

खंडवा- स्वर सम्राट और हिंदी सिनेमा के महान पार्श्व गायक किशोर कुमार की जयंती एवं खंडवा गौरव दिवस के समापन अवसर पर शहर का वातावरण पूरी तरह संगीत और संस्कृति के रंग में रंग गया। किशोर कुमार समाधि के सामने स्थित सद्भावना हॉल में सद्भावना मंच द्वारा आयोजित गीतांजलि कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों को एक ऐसी संगीतमय शाम का अनुभव कराया, जिसमें सुर, संगीत और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से आए सुर साधकों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। कराओके संगीत पर प्रस्तुत किए गए गीतों और ग़ज़लों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कलाकारों ने विशेष रूप से किशोर कुमार के सदाबहार और लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संगीत प्रेमियों ने कलाकारों की प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया और हर गीत के साथ किशोर कुमार की यादें ताज़ा होती चली गईं। गौरव दिवस के समापन समारोह में यह संगीतमय आयोजन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।

मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस अवसर पर पत्रकारिता और कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश, अभिनव कला समाज इंदौर के अध्यक्ष तथा इंडियन फेडरेशन ऑफ प्रेस क्लब्स की कार्यकारिणी के सदस्य प्रवीण खारीवाल का सद्भावना मंच की ओर से शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने में मीडिया और कला जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों और अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खंडवा की पहचान केवल एक ऐतिहासिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि संगीत की उस पावन धरती के रूप में भी है जिसने देश को किशोर कुमार जैसा महान कलाकार दिया। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं और स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर प्रमोद जैन, सोनाली यादव, अभिषेक बड़जात्या, सुरेंद्र गीते, ओम पिल्लै, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, अशोक जैन, नंदिनी शर्मा, केबी मंसारे, गणेश भावसार, सुनील सोमानी, योगेश गुजराती, ऋषभ मालाकार, देवेंद्र जायसवाल, डॉ. एम.एम. कुरैशी, निर्मल मंगवानी, धीरज नेगी, संतोष सोनी, सुभाष मीणा, राधेश्याम शाक्य, अर्जुन बुंदेला, कैलाश पटेल सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

गीत, संगीत, सम्मान और सांस्कृतिक एकता से परिपूर्ण यह आयोजन खंडवा गौरव दिवस के समापन का यादगार अध्याय बन गया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि किशोर कुमार का संगीत आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही गहराई से बसता है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

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