साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़: निवेश का झांसा देकर ₹21.63 लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

खंडवा- डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ खंडवा पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में कोतवाली थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹2 लाख 55 हजार 200 नकद भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के विरुद्ध जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक पुत्र बाबू कुशवाह (26 वर्ष), विवेक पुत्र किशनलाल खीची (30 वर्ष) तथा आत्माराम पुत्र रामजीलाल मेहरा (28 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर की ठगी

मामले की शुरुआत 8 मई 2025 को हुई, जब एक फरियादी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि “बादशाह ब्रोकर” नाम से संचालित कंपनी ने शेयर मार्केट में निवेश कराने और कम समय में अधिक लाभ दिलाने का झांसा दिया। आरोपी लगातार मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से संपर्क में रहे तथा विश्वास में लेकर फरियादी से अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों के माध्यम से ₹21,63,970 की राशि निवेश करवा ली। इसके बाद न तो निवेश की राशि वापस की गई और न ही लाभ दिया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह सुनियोजित साइबर ठगी थी।

शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 578/2025 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विस्तृत विवेचना प्रारंभ की।

तकनीकी जांच और साइबर विश्लेषण से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर टीम की सहायता से मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शनों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लगातार तकनीकी निगरानी और सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा क्षेत्र में मिली। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹2,55,200 नकद बरामद किए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों या जिलों में भी इसी प्रकार की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। साथ ही ठगी की शेष राशि और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

लोगों को किया जा रहा है लगातार जागरूक

खंडवा पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को सोशल मीडिया, जनसंपर्क कार्यक्रमों और विभिन्न माध्यमों से समझाया जा रहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति, फर्जी निवेश योजना या अधिक मुनाफे के प्रलोभन में आकर ऑनलाइन लेन-देन न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या बिना सत्यापन के निवेश करने से बचें।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य, निरीक्षक हंसकुमार झींझोरे, पंकज सिंह सोलंकी, शिवम ओझा, रुपेश बामने तथा साइबर टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही। उनकी तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

खंडवा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टो, ऑनलाइन निवेश या अन्य किसी माध्यम से कम समय में अधिक मुनाफा देने का दावा करे तो पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *