क्रांतिकारी गंजनसिंह शीलू की जयंती पर कोरकू समाज का शक्ति प्रदर्शन, शिक्षा, संगठन और सामाजिक उत्थान का लिया संकल्प

खंडवा- स्वतंत्रता संग्राम और 1930 के जंगल सत्याग्रह के महान क्रांतिकारी गंजनसिंह शीलू की जयंती कोरकू आदिवासी समाज संगठन, खंडवा द्वारा रविवार को पार्वतीबाई धर्मशाला में श्रद्धा, गौरव और सामाजिक एकता के साथ मनाई गई। समारोह में जिले के हरसूद, खालवा, पंधाना, पुनासा, किल्लोद, खंडवा सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहर से बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, युवा, महिला मंडल की सदस्याएं और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक मजबूती और शिक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्रांतिकारी गंजनसिंह शीलू के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद खालवा तहसील अध्यक्ष राधेश्याम पाटिल ने अतिथियों एवं समाजजनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और समाज की एकजुटता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रामजी चौहान ने क्रांतिकारी गंजनसिंह शीलू के संघर्षपूर्ण जीवन और जंगल सत्याग्रह में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि युवाओं में इतिहास के प्रति सम्मान और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो सके।

समारोह में समाज के गौरव रोहित कास्डे को पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर पदोन्नति मिलने तथा करण पाटिल (भिलाईखेड़ा) को शिक्षक वर्ग-3 में चयनित होने पर शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मान के बाद रोहित कास्डे ने विद्यार्थियों और युवाओं से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी लगन के साथ करने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीराम सुतार ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने तथा सामाजिक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन, संस्कृति और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में नवलसिंह दरसिमा, केसरसिंह कास्डे, सोमा शिलाले, भूरा साठे, महेश जांबेकर सहित अनेक वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के विस्तार, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण, संगठन की मजबूती और युवाओं की भागीदारी पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

समारोह के दौरान संगठनात्मक विस्तार और पुनर्गठन भी किया गया। राधेश्याम पाटिल के अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, जिला खंडवा के अध्यक्ष बनने के बाद सोमा शिलाले को कोरकू आदिवासी समाज संगठन, तहसील खालवा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा गब्बू धुर्वे को हरसूद तहसील अध्यक्ष, महेश जांबेकर को खंडवा तहसील अध्यक्ष, रमेश चावला (रानीझिरी) को कोरकू आदिवासी छात्र संघ जिला खंडवा तथा सुभाष गौतम (गोंदरी) को कोरकू आदिवासी छात्र संघ जिला बुरहानपुर का अध्यक्ष नियुक्त कर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने समाजहित में समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मंशाराम मार्को, नामदेव कास्डे, राजेश दरसिमा, अनिल जांबेकर, गेंदालाल पाटिल, लक्ष्मी ठाकुर, रुक्मणी चौहान, मंगला सुथार, श्यामाबाई पाटिल, परशराम कास्डे, किशोर गौतम, सुंदरलाल चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आयोजन की व्यवस्थाएं सुखराम पाटिल, विनोद पटेल एवं दीपक सुथार ने संभाली। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन निखिलेश पालवी ने किया, जबकि कलीराम पालवी ने आभार प्रदर्शन किया।

समारोह का समापन समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के सर्वांगीण विकास और क्रांतिकारी गंजनसिंह शीलू के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अपने इतिहास और महापुरुषों की विरासत को सहेजते हुए समाज शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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