मैहर सड़क हादसा: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शोक संतप्त पटेल परिवार से की मुलाकात, पांच दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

मैहर- मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल शनिवार को मैहर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तनाजा पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दर्दनाक घटना ने न केवल ग्राम तनाजा बल्कि पूरे मैहर क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया है। एक ही परिवार के पांच युवाओं के असामयिक निधन से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

सड़क दुर्घटना में अंकुर पटेल (40), मृदुल पटेल (32), विजय पटेल (30), हरिशंकर पटेल (25) और शिवा पटेल (23) की दुखद मृत्यु हो गई थी। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ग्राम पहुंचकर दिवंगतों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपमुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों को खो देना किसी भी परिवार के लिए अत्यंत असहनीय पीड़ा है। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा प्रदेश इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए ईश्वर से उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्री शुक्ल ने कहा कि ऐसे हादसे समाज को भी गहरा आघात पहुंचाते हैं और सभी को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिवार को इस संकट से उबरने का संबल देने की कामना की।

इस दौरान मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोकग्रस्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि पूरा क्षेत्र इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।

ग्राम तनाजा में उपमुख्यमंत्री के आगमन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। वहीं, राज्य सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा पीड़ित परिवार तक पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना संकट की घड़ी में सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूत करता है।

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