खंडवा- जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की नीति के तहत खंडवा पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना पदमनगर पुलिस ने अनाज मंडी क्षेत्र में युवक पर हुए जानलेवा चाकू हमले के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं विवेचना के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनके विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक और सघन जांच के माध्यम से गंभीर अपराधों का शीघ्र खुलासा संभव है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में गंभीर अपराध, महिला संबंधी अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध एवं अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना पदमनगर पुलिस ने इस मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए जांच को गति दी और कुछ ही दिनों में आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
घटना 29 जुलाई 2026 की है, जब फरियादी राहुल पिता राधेश्याम भी, निवासी रिछफल (पुनासा), अनाज मंडी क्षेत्र में मौजूद था। इसी दौरान कुछ अज्ञात बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही थाना पदमनगर में अपराध क्रमांक 199/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया गया और मामले की विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अर्पण पिता अनूप करोल (18 वर्ष) निवासी दादाजी वार्ड, खंडवा, आकाश पिता अजब सिंह बंजारा (19 वर्ष) निवासी छालपी सिंगाजी तथा बंटी पिता हरचंद बंजारा (20 वर्ष) निवासी छालपी सिंगाजी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
विवेचना में यह भी सामने आया कि इस हमले में दो अन्य नाबालिग भी शामिल थे। पुलिस ने उनकी भूमिका की पुष्टि होने पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की गई है, ताकि किसी भी दोषी को कानून से बचने का अवसर न मिले।
इस पूरे प्रकरण के खुलासे में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक जगदीश जमरा, सहायक उपनिरीक्षक नंदराम वासुरे तथा आरक्षक अनिल वछाने की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए कम समय में आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।
पदमनगर पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और समाज में सुरक्षित वातावरण बनाए रखा जा सके।
