खंडवा- जिला चिकित्सालय सह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, खंडवा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता के बल पर लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में पित्ताशय की पथरी (गॉलब्लैडर स्टोन) से गंभीर रूप से पीड़ित 50 वर्षीय मरीज महबूब का दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) पद्धति से सफल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उसे नया जीवन प्रदान किया। सफल शल्यक्रिया के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हुआ और पूर्ण रूप से स्वास्थ्य लाभ मिलने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
महबूब पिता सलमान लंबे समय से पेट में असहनीय दर्द और पित्ताशय की पथरी की समस्या से परेशान थे। बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर वे जिला चिकित्सालय खंडवा पहुंचे, जहां वरिष्ठ सर्जन डॉ. मुबारक सैयद एवं डॉ. एम.एल. कलमे ने उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। सोनोग्राफी सहित आवश्यक जांचों में पित्ताशय में पथरी की पुष्टि होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का निर्णय लिया।
शल्यक्रिया के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. भारती की देखरेख में डॉ. मुबारक सैयद, डॉ. एम.एल. कलमे, डॉ. वीरेंद्र पाचोले तथा उनकी अनुभवी टीम ने अत्याधुनिक दूरबीन तकनीक से सफल ऑपरेशन किया। यह तकनीक पारंपरिक ऑपरेशन की तुलना में कम दर्द, छोटे चीरे, कम रक्तस्राव और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए जानी जाती है। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ।
कुछ दिनों की चिकित्सकीय निगरानी के बाद महबूब पूर्णतः स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से विदा होते समय उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं समस्त पैरामेडिकल कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में उन्हें बेहतर उपचार, आत्मीय देखभाल और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलीं।
मरीज ने बताया कि उनका पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निशुल्क हुआ। यदि यही उपचार किसी निजी अस्पताल में कराया जाता तो उस पर हजारों रुपये का खर्च आता, लेकिन आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बिना किसी आर्थिक बोझ के उच्चस्तरीय उपचार प्राप्त हुआ। उन्होंने सरकार की इस योजना को गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
सर्जन डॉ. मुबारक सैयद ने बताया कि जिला चिकित्सालय खंडवा में अब दूरबीन पद्धति से पित्ताशय की थैली और अपेंडिक्स जैसे जटिल ऑपरेशन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हुई है और जिले में ही आधुनिक शल्य चिकित्सा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के कारण जिला अस्पताल लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में सफल हो रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का विस्तार, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आम नागरिकों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
यह सफलता न केवल जिला चिकित्सालय खंडवा की चिकित्सा क्षमता का प्रमाण है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और जनहितकारी योजनाओं के समन्वय से उत्कृष्ट एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। खंडवा सहित आसपास के जिलों के मरीजों के लिए यह अस्पताल अब उन्नत चिकित्सा सेवाओं का एक भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है।
