खंडवा- शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में हर घर तिरंगा अभियान एवं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अंतर्गत श्रद्धांजलि, मौन सभा, वाचन एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए उस दौर में अपने प्राण गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक संवेदनशीलता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करना रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय जैन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा अधिकारी प्रो. अंशुल चौहान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत देश के वीर शहीदों तथा विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को नमन किया। साथ ही विभाजन विभीषिका से जुड़े विषयों पर मौन सभा एवं वाचन के माध्यम से उस दौर की पीड़ा, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि के साथ मानव सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के अगले चरण में विभाजन विभीषिका में प्रभावित लोगों एवं अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ मानव सेवा की भावना को व्यवहारिक रूप देने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं रेड रिबन क्लब की कार्यक्रम अधिकारी प्रो. आरती दुबे के नेतृत्व में आयोजित शिविर में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
रक्तदान शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए किया गया रक्तदान केवल एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने की दिशा में किया गया महत्वपूर्ण योगदान है। शिविर में विद्यार्थियों ने स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान किया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
रक्तदान के महत्व पर किया प्रेरित
कार्यक्रम में जय महाराणा रक्तदान समूह भारत, खंडवा के संस्थापक अध्यक्ष श्री शैलू मंडलोई ने विद्यार्थियों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रक्तदान के महत्व एवं मानव जीवन में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान एवं अन्य सामाजिक सेवा गतिविधियों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
वहीं आनंद संस्था के प्रभारी श्री गणेश जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में सकारात्मकता और आनंद बनाए रखने के लिए आत्मचिंतन तथा कुछ समय मौन रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक सोच, आत्ममंथन और सामाजिक सरोकारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
17 यूनिट रक्त किया गया एकत्रित
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में जय महाराणा रक्तदान समूह भारत, खंडवा टीम एवं जिला अस्पताल ब्लड बैंक टीम, खंडवा का सहयोग प्राप्त हुआ। शिविर में प्रो. आरती दुबे, सुरेंद्र सिंह जमरा, महाविद्यालय कर्मचारी सौरभ राजपूत तथा छात्राओं महक शेख़, अनुजा सोनी, मो. सूफियान, रिया आसवानी, अंगूरी तँवर, आयुषी राजपूत, शिवानी शिंदे, मोना सोलंकी, पदमा ओसवाल, रुखमणी कनाडे, पलक सोलंकी, सृष्टि अड़ाव, दिवींदिया गठिया एवं पायल ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
शिविर में कुल 17 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। यह सहभागिता विद्यार्थियों में बढ़ती सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता के प्रति संवेदनशीलता का सकारात्मक उदाहरण बनी।
सामाजिक सेवा के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को भविष्य में भी रक्तदान, सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। महाविद्यालय का यह आयोजन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को केवल स्मरण तक सीमित रखने के बजाय मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समुचित व्यवस्थाओं में राष्ट्रीय सेवा योजना समिति एवं रेड रिबन क्लब का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास की पीड़ा को समझने, शहीदों एवं पीड़ितों को सम्मान देने तथा वर्तमान में मानव सेवा के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
