खंडवा- जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत खालवा थाना पुलिस ने मवेशी चोरी के एक बड़े मामले का सफल खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 12 मवेशी सुरक्षित बरामद किए हैं। साथ ही वारदात में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है। बरामद मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 66 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मवेशी चोरी के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
जिला पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों, महिला संबंधी अपराधों, अपहरण, संपत्ति संबंधी अपराधों तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना खालवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मवेशी चोरी के इस मामले का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को फरियादी मंगल पिता देवसु, निवासी ग्राम ताल्याधड़ ने थाना खालवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके 12 मवेशी गांव के जंगल क्षेत्र से अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 251/26 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार की गई पड़ताल और सूचनाओं के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस टीम ने दबिश देकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी किए गए सभी 12 मवेशी सुरक्षित बरामद कर लिए। इसके अलावा चोरी की वारदात में उपयोग किया गया पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-41-जीए-4057 भी जब्त कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दिनेश पिता सोमारिया भील, करण पिता नत्थू भील, अर्जुन पिता सद्दू भील, गिनू उर्फ धुदरा पिता सोमारिया, रामेश्वर पिता गुलाब भील, गंगाराम पिता रतन भील तथा अजय पिता नत्थू भील शामिल हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मवेशी चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंदिया, उपनिरीक्षक भूवान वास्कले, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश चिंचे, प्रधान आरक्षक सुनील यादव, आरक्षक राजमल चौहान तथा अजय वास्कले की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता और प्रभावी विवेचना के चलते चोरी गए मवेशियों की शीघ्र बरामदगी संभव हो सकी, जिससे पीड़ित पशुपालक को बड़ी राहत मिली और ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।
