युवा शक्ति का नशामुक्ति संकल्प: प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में जागरूकता अभियान से गूंजा ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’

खंडवा- समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवन की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चल रहे इस राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए न केवल स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान की शुरुआत 17 जुलाई को “एक हस्ताक्षर, एक संकल्प – नशामुक्त भारत” हस्ताक्षर अभियान से हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने नशामुक्ति पोस्टर पर प्रथम हस्ताक्षर कर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और देश के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, अनुशासन का पालन करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा का सदुपयोग करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने नशामुक्ति पोस्टर पर हस्ताक्षर कर यह संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। हस्ताक्षर अभियान ने परिसर में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया।

अभियान के दूसरे चरण में 18 जुलाई को “नशा : कारण, प्रभाव एवं समाधान” विषय पर खुली परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में लगभग 130 विद्यार्थियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के सामाजिक, आर्थिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही यह भी चर्चा की गई कि पारिवारिक संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सकारात्मक मित्र मंडली, खेलकूद, योग और सामाजिक सहभागिता जैसे उपाय युवाओं को नशे की लत से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती है, जिसका समाधान जनजागरूकता, सामूहिक सहभागिता और युवाओं की सकारात्मक सोच से ही संभव है। विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली सबसे बड़ी पूंजी है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाएंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी प्रो. राखी उईके, प्रो. राजेश सिसोदिया एवं प्रो. रवि किराड़े सहित महाविद्यालय का शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा।

महाविद्यालय में आयोजित यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और नशामुक्त भारत के निर्माण की भावना को मजबूत करने की प्रभावी पहल के रूप में सामने आया। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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