एमपी ट्रांसको की अनूठी पहल: ‘वन टू वन’ सघन प्रशिक्षण से तैयार हो रहे भविष्य के दक्ष पावर इंजीनियर, टेस्टिंग सिम्युलेटर से सीख रहे अत्याधुनिक प्रोटेक्शन सिस्टम

जबलपुर- मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) प्रदेश की विद्युत प्रसारण व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में लगातार नवाचार कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने नव नियुक्त सहायक अभियंताओं को व्यवहारिक एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए “वन टू वन सघन प्रशिक्षण” कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इस प्रशिक्षण की विशेषता यह है कि इसमें नवागत अभियंताओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यस्थल पर अनुभवी अधिकारियों के मार्गदर्शन में आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

एमपी ट्रांसको का उद्देश्य नए अभियंताओं को ट्रांसमिशन नेटवर्क की जटिल तकनीकों, विद्युत सुरक्षा मानकों तथा आधुनिक प्रोटेक्शन सिस्टम की गहन समझ प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में विद्युत प्रसारण व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें।

अनुभवी अभियंताओं के मार्गदर्शन में मिल रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण

टेस्टिंग डिवीजन टीकमगढ़ के कार्यपालन अभियंता (टेस्टिंग) बिजक प्रिये के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता गणेश प्रसाद राय तथा सहायक अभियंता श्रीमती चंदा यादव नव नियुक्त अभियंताओं को सबस्टेशन प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले टेस्टिंग, विद्युत उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा टेस्टिंग प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रशिक्षण सीधे कार्यस्थल पर दिया जा रहा है, जिससे नए अभियंताओं को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव प्राप्त हो रहा है। इससे उनकी तकनीकी समझ और निर्णय क्षमता दोनों का विकास हो रहा है।

इन-हाउस विकसित टेस्टिंग सिम्युलेटर बना प्रशिक्षण का सबसे बड़ा आकर्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सहायक अभियंता गणेश प्रसाद राय द्वारा विकसित इन-हाउस टेस्टिंग सिम्युलेटर है। इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से अभियंताओं को विभिन्न प्रकार की प्रोटेक्शन रिले की सेटिंग, उनके ऑपरेटिंग लॉजिक, ट्रिपिंग सीक्वेंस तथा अलग-अलग फॉल्ट परिस्थितियों में उनकी कार्यप्रणाली का वास्तविक प्रदर्शन कर समझाया जा रहा है।

सिम्युलेटर पर अभ्यास करने से नवागत अभियंता बिना किसी जोखिम के वास्तविक तकनीकी परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। इससे उन्हें ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों में उत्पन्न होने वाली तकनीकी समस्याओं को समझने और उनका प्रभावी समाधान करने की क्षमता विकसित हो रही है।

आधुनिक विद्युत उपकरणों की टेस्टिंग पर विशेष फोकस

प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को पावर ट्रांसफार्मर, करंट ट्रांसफार्मर (सीटी), पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (पीटी), सर्किट ब्रेकर, कंट्रोल एवं प्रोटेक्शन पैनल सहित विभिन्न विद्युत उपकरणों की टेस्टिंग प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके अलावा रिले कोऑर्डिनेशन, फॉल्ट एनालिसिस, आधुनिक टेस्टिंग तकनीक, उपकरणों की विश्वसनीयता और समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों के महत्व को भी व्यवहारिक रूप से समझाया जा रहा है। इससे अभियंता भविष्य में जटिल तकनीकी परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।

जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अनुरूप तैयार किए जा रहे अभियंता

एमपी ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी को प्रशिक्षण का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान विद्युत सुरक्षा मानकों, सुरक्षित कार्य प्रणाली, जोखिम प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कंपनी का मानना है कि तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा के प्रति जागरूक अभियंता ही विद्युत प्रसारण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाए रख सकते हैं।

कौशल विकास के साथ मजबूत होगी प्रदेश की ट्रांसमिशन व्यवस्था

एमपी ट्रांसको की यह पहल केवल नए अभियंताओं के प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की विद्युत प्रसारण व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। आधुनिक तकनीक, व्यवहारिक प्रशिक्षण और अनुभवी अभियंताओं के मार्गदर्शन का यह समन्वय नए अभियंताओं को अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और तकनीकी रूप से दक्ष बनाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता, ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एमपी ट्रांसको की यह पहल तकनीकी नवाचार, कौशल विकास और सुरक्षित विद्युत प्रणाली की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखी जा रही है।

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