खंडवा- भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर और प्राचीन श्री ममलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। मंदिरों में स्थापित दान पात्रों की हालिया गणना में दोनों मंदिरों को मिलाकर 27 लाख 58 हजार 165 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित यह राशि मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार, रखरखाव और आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर खर्च की जाएगी।
ओंकारेश्वर मंदिर में सात दान पात्रों से 20.86 लाख रुपये की प्राप्ति
श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा शुक्रवार को मंदिर परिसर में स्थापित सात दान पात्र खोले गए। दान राशि की गणना तहसीलदार, पटवारी, मंदिर के सहायक कार्यपालन अधिकारी, बैंक कर्मचारियों तथा मंदिर कर्मचारियों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से की गई। गणना के दौरान कुल 20,86,300 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई।
मंदिर प्रशासन के अनुसार दान पात्रों को खोलने और राशि की गणना की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराई गई, ताकि पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। प्राप्त राशि मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा कर नियमानुसार धार्मिक एवं विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
ममलेश्वर मंदिर में 6.71 लाख रुपये का दान

वहीं, श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा स्थापित पांच दान पात्रों की गणना में 6,71,865 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई। पुनासा के एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि यह राशि 2 जुलाई से 16 जुलाई 2026 के बीच श्रद्धालुओं द्वारा दान पात्रों में अर्पित की गई थी। राशि की गणना तहसीलदार, जिला कोषालय अधिकारी के प्रतिनिधि, बैंक कर्मचारियों और मंदिर कर्मचारियों की उपस्थिति में की गई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और दान राशि का उपयोग इन्हीं विकास कार्यों में किया जा रहा है।
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर हो रहे विकास कार्य
मंदिर प्रशासन के अनुसार आगामी सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया गया है।
दान राशि से मंदिर परिसर में टीन शेड का निर्माण, स्टील रेलिंग, सीसीटीवी कैमरे, श्रद्धालुओं के लिए शौचालय एवं सुविधाघर, परिसर में रखी मूर्तियों के संरक्षण हेतु शेड, कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य आवश्यक निर्माण एवं रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। इससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
श्रद्धालुओं की आस्था से मजबूत हो रहा मंदिर विकास

मंदिर प्रशासन का मानना है कि दान पात्रों में प्राप्त होने वाली राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसी सहयोग के बल पर मंदिर परिसर में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है और धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिल रही है।
आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए मंदिर प्रशासन आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिरों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में और अधिक विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
