रीवा- धार्मिक आस्था, परंपरा और भक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना रीवा शहर, जहां भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई। ऐतिहासिक लक्ष्मण बाग संस्थान से निकली भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया।
सुबह से ही लक्ष्मण बाग संस्थान में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ का महाअभिषेक, विशेष पूजन-अर्चन और आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
भक्ति और उत्साह से सराबोर हुआ पूरा शहर

रथयात्रा लक्ष्मण बाग संस्थान से प्रारंभ होकर किला, उपरहटी, स्टैच्यू चौराहा, जयस्तंभ और मार्तंड-1 मार्ग से होते हुए मानस भवन पहुंची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने मंच बनाकर भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की।
रथयात्रा के दौरान पूरा शहर “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों के लोगों ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने की पूजा-अर्चना

व्यापारी महासंघ द्वारा स्टैच्यू चौराहा पर आयोजित महाआरती कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।
संतों का मिला आशीर्वाद

रथयात्रा महोत्सव में संत शिरोमणि स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में भगवान जगन्नाथ की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
महाप्रसाद और भंडारे का हुआ आयोजन

नगर भ्रमण के बाद भगवान के रथ के मानस भवन पहुंचने पर भगवान को विश्राम कराया गया। यहां श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
अभूतपूर्व रहा जनसहभागिता का दृश्य

रथयात्रा महोत्सव में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता सहित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
रीवा की ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा एक बार फिर यह साबित कर गई कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराएं आज भी समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर यह आयोजन शहरवासियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
