भोपाल/सागर- सागर जिले के बंडा क्षेत्र में अवैध एवं जहरीली शराब से हुई दर्दनाक घटना के बाद प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सोमवार को घटना से प्रभावित गांवों का सघन दौरा किया। उन्होंने हादसे में मृतकों एवं प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
उप मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन और दुखद घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से नियमानुसार प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। श्री शुक्ल ने घटना को अत्यंत हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ितों से सीधे संवाद
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बंडा एवं शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती और पापेट का दौरा किया। उन्होंने इन गांवों में मृतक एवं प्रभावित परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने परिवारों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन उनकी सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए और उन्हें मिलने वाली राहत में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
पीड़ित परिवारों एवं ग्रामीणों द्वारा अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग किए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा मामले में अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचने के निर्देश दिए, ताकि इस कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जा सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
‘नशे की लत परिवार और समाज को करती है तबाह’
प्रभावित गांवों के भ्रमण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री शुक्ल ने कहा कि नशे की लत का दुष्प्रभाव केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले भी जनसहयोग के माध्यम से नशामुक्ति के प्रयास किए गए हैं। भविष्य में इन प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाएगा। शासन और प्रशासन अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गंभीरता और पूरी कड़ाई के साथ कार्य कर रहा है।
जिम्मेदारों तक पहुंचेगी जांच की आंच
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि अवैध शराब के कारोबार को केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करके समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को चिन्हित करना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवैध शराब की आपूर्ति की कड़ी, निर्माण से लेकर परिवहन और वितरण तक, की गहनता से जांच की जाए। साथ ही इस कारोबार को संरक्षण या सहयोग देने वाले किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सरकार ने दिया पीड़ितों के साथ खड़े रहने का भरोसा
बंडा क्षेत्र के दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस पीड़ित परिवारों को राहत देने, घटना की गंभीरता को समझने और अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
दौरे के दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बंडा क्षेत्र की घटना ने अवैध और जहरीली शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब प्रशासन के सामने चुनौती न केवल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की है, बल्कि अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसे स्थायी रूप से समाप्त करने की भी है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस दिशा में पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें रहेंगी।


