खंडवा- शिक्षक दिवस के अवसर पर नगर निगम कार्यालय सभागृह में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षक सम्मान की भावना से ओतप्रोत गुरु वंदन कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खंडवा शहर के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य एवं संस्था प्रमुखों को सम्मानित किया गया। महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने गुरुजनों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षक दिवस की औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना रहा। आयोजन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, विचार, संस्कार और भविष्य को दिशा देने का कार्य भी करते हैं।
शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं, राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं : महापौर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन की सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक होते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना का निर्माण करते हैं। इसलिए शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं।
महापौर ने कहा कि आज के बच्चे और युवा ही खंडवा के आने वाले कल की तस्वीर हैं। उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने में माता-पिता के साथ शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक शिक्षक द्वारा विद्यार्थी को दिया गया ज्ञान और संस्कार उसके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करने के साथ परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी परंपरा में गुरु को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। गुरु वंदन अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके योगदान को नमन करने का अवसर है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम केवल शहर के भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, संस्कार और नई पीढ़ी के निर्माण को भी अपनी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। खंडवा के शिक्षक जिस समर्पण और निष्ठा से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में जुटे हैं, वह प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल शिक्षक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए। गुरुजनों के प्रति सम्मान, सीखने की जिज्ञासा और उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने की परंपरा समाज में निरंतर बनी रहनी चाहिए।
गुरुजनों का सम्मान समाज के प्रति सम्मान : अनिल विश्वकर्मा
निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करने के साथ उनके भीतर संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। खंडवा के शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते हुए शहर की नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
निगम अध्यक्ष ने गुरु वंदन कार्यक्रम को शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की सार्थक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा और शिक्षक के महत्व को और मजबूत करते हैं।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : राजपाल सिंह तोमर
भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह तोमर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा और संस्कारों पर निर्भर करती है। इस दिशा में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने, निरंतर आगे बढ़ने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने शिक्षक दिवस पर प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों के सम्मान को शिक्षा जगत के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक बताया तथा सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह से हुआ सम्मान
गुरु वंदन कार्यक्रम में शहर के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विद्यालयों, कॉन्वेंट एवं पब्लिक स्कूलों, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों तथा उर्दू शिक्षण संस्थानों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य एवं संस्था प्रमुखों को सम्मानित किया गया।
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव द्वारा सम्मानित गुरुजनों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों और संस्था प्रमुखों में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
शिक्षा और संस्कार को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं के संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक और संस्कारवान समाज के निर्माण का आधार है। शिक्षक इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गुरु वंदन कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए परिवार, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। बदलते समय में तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों को मजबूत बनाए रखना भी आवश्यक है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह तोमर, एमआईसी सदस्य श्री सोमनाथ काले, श्री राजेश यादव एवं श्री आशीष चटकले, पार्षद श्रीमती रोशनी गोलकर, श्रीमती स्वर्ण धर्मेंद्र पालीवाल, श्रीमती सुनीता दीपक राठौर, श्रीमती किरण प्रेमलाल गोयल, श्रीमती सीमा महेंद्र यादव एवं श्रीमती डिंपल पुनीत चौरसिया, श्री वेद प्रकाश मालाकार, श्री विजय यादव, मंडल अध्यक्ष श्रीमती स्नेहा पाराशर, भाजपा प्रवक्ता श्री सुनील जैन सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी तथा शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य एवं संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।
गुरु वंदन कार्यक्रम ने शिक्षक दिवस को सम्मान, कृतज्ञता और गुरु-शिष्य परंपरा के भाव से सार्थक बनाते हुए यह संदेश दिया कि समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत शिक्षा और संस्कारों से ही तैयार होती है।
