बंडा जहरीली शराब कांड: 10 मौतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, तीन आबकारी अधिकारी निलंबित | उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव ग्वालियर अटैच; मुख्यमंत्री ने कहा—दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

सागर/बंडा- मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों की दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन में शराब सेवन के बाद मौतों के मामले को राज्य शासन ने गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग के स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। शासन की ओर से उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है, जबकि सागर जिले के तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। 

तीन आबकारी अधिकारी निलंबित

राज्य शासन की कार्रवाई के तहत सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है।

यह कार्रवाई घटना के बाद विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि प्रभावित क्षेत्र में अवैध अथवा नकली शराब की गतिविधियों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारी क्या रही।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब सेवन से हुई मौतों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की जानकारी लेकर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

गांवों में पहुंचे संभाग और जिले के वरिष्ठ अधिकारी

घटना की जानकारी सामने आने के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया।

प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र में शराब दुकानों को सील कर सैंपलिंग भी कराई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में दुकानों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए अंतिम संख्या प्रशासनिक कार्रवाई के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।

अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार पर नजर

घटना के बाद प्रभावित लोगों को बंडा और सागर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग को मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने संदिग्ध शराब का सेवन किया है और उसे उल्टी, सिरदर्द, बुखार अथवा अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो वह बिना देरी किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय जांच कराए।

नकली शराब के नेटवर्क की जांच अहम

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि संदिग्ध शराब का स्रोत क्या था और इसे प्रभावित गांवों तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मृतकों और बीमार हुए लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी तथा इसके निर्माण, परिवहन और बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

ताजा मीडिया रिपोर्टों में जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर से संभावित कनेक्शन और नकली रैपर/क्यूआर कोड से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इन तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच एजेंसियों और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही मानी जाएगी।

पहले भी उठ चुका था अवैध शराब का मुद्दा

घटना के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात भी सामने आई है कि जिले में अवैध और नकली शराब की बिक्री को लेकर शिकायतें तथा चिंता पहले भी जताई गई थीं। अब जांच के दौरान इन शिकायतों की स्थिति, उन पर हुई कार्रवाई और विभागीय निगरानी की प्रभावशीलता की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया

घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत और भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर पहुंचकर भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भी बंडा पहुंचकर पीड़ितों एवं मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने की जानकारी सामने आई है।

सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने भी घटना के मद्देनजर छह सितंबर को तीनबत्ती पर प्रस्तावित मटकी फोड़ कार्यक्रम निरस्त कर मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।

जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौतों की वास्तविक वजह

हालांकि घटना को नकली अथवा जहरीली शराब से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन मौतों के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम, चिकित्सकीय जांच, विसरा एवं शराब के सैंपल की जांच सहित आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।

फिलहाल राज्य शासन की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बंडा की घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। तीन अधिकारियों का निलंबन और उपायुक्त को मुख्यालय अटैच किया जाना विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम है।

अब जांच की सबसे बड़ी चुनौती केवल मौतों के कारण का पता लगाना नहीं, बल्कि नकली शराब के स्रोत से लेकर उसके निर्माण, परिवहन और बिक्री तक जुड़े पूरे नेटवर्क को सामने लाना होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि यदि अवैध शराब के संबंध में पहले से शिकायतें या इनपुट मौजूद थे, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई।

बंडा की इस त्रासदी ने एक बार फिर यह सवाल सामने खड़ा किया है कि अवैध और नकली शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल घटना के बाद की कार्रवाई पर्याप्त है या फिर निगरानी तंत्र को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की आवश्यकता है।

फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट तथा पुलिस कार्रवाई से घटना की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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