खंडवा- शहर के पंधाना रोड स्थित बड़ी आबना नदी के आसपास हो रहे निर्माण को लेकर अब चिंता बढ़ने लगी है। नदी को घेरकर बनाई जा रही दीवार को लेकर सामाजिक संस्था सद्भावना मंच ने प्रशासन का ध्यान संभावित जलभराव और जन-धन की हानि के खतरे की ओर आकर्षित किया है। मंच ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जांच कराने और समस्या का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।
नदी के प्रवाह को लेकर उठाए सवाल
सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कलेक्टर सुश्री दीक्षा भगोरे को ज्ञापन सौंपा। मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि पंधाना रोड क्षेत्र में आबना नदी के हिस्से को घेरकर एक कॉलोनाइजर द्वारा दीवार का निर्माण किया जा रहा है। मंच का कहना है कि नदी के आसपास इस तरह का निर्माण होने से बारिश के दौरान पानी के प्राकृतिक प्रवाह और निकासी व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
मंच ने प्रशासन से आग्रह किया है कि निर्माण की स्थिति और नदी के वास्तविक प्रवाह क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
मूसलाधार बारिश ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में पानी भरने और पुल पर पानी आने की स्थिति ने स्थानीय लोगों तथा सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी। मंच के अनुसार, बारिश के दौरान यदि नदी का पानी अपने सामान्य प्रवाह के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाता है तो आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसे समय में नदी के प्रवाह क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा संभावित जोखिम को बढ़ा सकती है। मंच ने इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी परेशानी
बारिश के दौरान उत्पन्न स्थिति में पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। इससे संभावित बड़ी परेशानी को टालने में मदद मिली। हालांकि, सद्भावना मंच का मानना है कि केवल आपात स्थिति में राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न ही न हो, इसके लिए नदी के प्रवाह और जल निकासी व्यवस्था से जुड़े स्थायी समाधान जरूरी हैं।
प्रशासन से जांच और शीघ्र समाधान की मांग
सद्भावना मंच ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि आबना नदी के आसपास किए जा रहे निर्माण की स्थिति की जांच की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह और जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा न हो।
मंच ने कहा कि बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए नदी एवं नालों के प्रवाह क्षेत्र में किए जाने वाले निर्माण को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। समय रहते यदि आवश्यक कार्रवाई की जाती है तो भविष्य में होने वाली संभावित जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोका जा सकता है।
जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया
सद्भावना मंच ने इस पूरे मामले को किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध के बजाय व्यापक जनहित और शहर की सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया है। मंच का कहना है कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप और जल निकासी व्यवस्था सुरक्षित रहना शहर के लिए बेहद जरूरी है। विशेषकर बारिश के मौसम में नदी के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मंच ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और आबना नदी के प्रवाह में किसी भी संभावित बाधा को दूर किया जाएगा।
ये सदस्य रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सद्भावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, सुरेंद्र गीते, देवेंद्र जैन, गणेश भावसार, अनुप शर्मा, निर्मल मंगवानी, रजत सोहनी, राधेश्याम शाक्य, डॉ. एम.एम. कुरैशी, सुभाष मीणा, कैलाश पटेल सहित मंच के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। नदी के प्रवाह, निर्माण की स्थिति और आगामी बारिश को देखते हुए प्रशासन द्वारा समय रहते क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
