रीवा- विंध्य क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने जा रही है। रीवा एयरपोर्ट से 9 अगस्त 2026 से भोपाल और कोलकाता के लिए नई हवाई सेवाएं शुरू होंगी। दोनों सेवाएं सप्ताह के सातों दिन संचालित की जाएंगी। नई उड़ानों के शुभारंभ से एक दिन पहले मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को रीवा एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
नई हवाई सेवाओं के शुरू होने के साथ रीवा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का दायरा और विस्तृत होगा। उप मुख्यमंत्री ने इसे रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि कम समय में रीवा एयरपोर्ट से पांच एटीआर-72 विमानों की हवाई सेवाएं उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है।
9 अगस्त से रोजाना उपलब्ध होगी नई हवाई सेवा
भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण द्वारा दोनों नई हवाई सेवाओं का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार कोलकाता से विमान सुबह 11 बजे प्रस्थान करेगा और दोपहर 1:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेगा।
रीवा एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद यही विमान दोपहर 1:30 बजे रीवा से उड़ान भरकर दोपहर 3 बजे भोपाल पहुंचेगा। इसके बाद भोपाल से विमान शाम 4 बजे रवाना होगा और शाम 5:30 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेगा।
रीवा से कोलकाता जाने वाली उड़ान शाम 6 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 8:10 बजे कोलकाता पहुंचेगी।
इस तरह नई सेवा के माध्यम से रीवा से भोपाल और कोलकाता के बीच यात्रियों को नियमित हवाई संपर्क उपलब्ध होगा। सप्ताह के सातों दिन सेवा संचालित होने से यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में भी सुविधा मिलेगी।
कम समय में पांच एटीआर-72 विमानों की सुविधा
एयरपोर्ट की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बहुत कम समय में रीवा एयरपोर्ट को पांच एटीआर-72 विमानों की हवाई सेवाएं मिलना बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि नई सेवाओं के शुरू होने के बाद रीवा देश के अनेक महानगरों से हवाई सेवा के माध्यम से जुड़ जाएगा। इससे रीवा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर और तेज परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।
रीवा एयरपोर्ट की बढ़ती कनेक्टिविटी को विंध्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और पर्यटन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पर्यटन क्षेत्र को मिल सकता है बड़ा फायदा
विंध्य क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध है। रीवा और आसपास के क्षेत्रों में ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के कई स्थल हैं। नई हवाई सेवाओं से देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए रीवा तक पहुंचना आसान होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवाओं के विस्तार से पूरे विंध्य में पर्यटन और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन से जुड़े कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
वहीं, देश के बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों के लिए भी रीवा तक पहुंच आसान होगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी।
व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी
भोपाल मध्यप्रदेश का प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र है, जबकि कोलकाता देश के प्रमुख महानगरों में शामिल है। ऐसे में इन दोनों शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी रीवा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।
हवाई यात्रा से समय की बचत होने के कारण व्यापारी, उद्यमी, अधिकारी और अन्य यात्रियों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा। इससे रीवा और विंध्य क्षेत्र का आर्थिक संपर्क प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से और मजबूत होने की उम्मीद है।
यात्रियों के स्वागत और विदाई की विशेष व्यवस्था
नई उड़ानों के शुभारंभ को लेकर रीवा एयरपोर्ट पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीवा से भोपाल और कोलकाता जाने वाले यात्रियों को समारोहपूर्वक विदाई दी जाए।
इसी तरह भोपाल से रीवा पहुंचने वाले यात्रियों का भी समुचित स्वागत किया जाए। उन्होंने एयरपोर्ट पर यात्रियों से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और नई हवाई सेवाओं के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रीवा एयरपोर्ट के विकास को मिली नई दिशा
रीवा एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ती हवाई सेवाएं विंध्य क्षेत्र में परिवहन के बदलते स्वरूप का संकेत हैं। नई उड़ानों के साथ एयरपोर्ट से एटीआर-72 विमानों की सेवाओं की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भविष्य में रीवा एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक होगा। उनके अनुसार हवाई सेवाओं का विस्तार क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाओं से जुड़ा हुआ है।
रीवा एयरपोर्ट की बढ़ती कनेक्टिविटी से न केवल रीवा बल्कि सतना, सीधी, सिंगरौली और आसपास के विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़े आर्थिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।
9 अगस्त से विंध्य की हवाई कनेक्टिविटी में एक और अध्याय
9 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली रीवा-भोपाल और रीवा-कोलकाता हवाई सेवाएं विंध्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इससे रीवा की देश के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा यात्रियों को तेज और सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा।
हवाई सेवाओं के विस्तार से पर्यटन, उद्योग, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनने की उम्मीद है। यही वजह है कि नई उड़ानों को केवल यात्री सुविधा के विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट, प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ और संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
