पंचायत निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार, फसल नुकसान, स्मार्ट मीटर और टेंडर अनियमितता सहित कई मामलों पर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
खंडवा- कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने पंचायत निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, फसल नुकसान, नगर परिषद के टेंडर, स्मार्ट विद्युत मीटर और क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान पुनासा विकासखंड की ग्राम पंचायत नांदखेड़ा माफी के ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव पर पंचायत में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार पंधाना तहसील के ग्राम सेखपुरा निवासी गुलाबचंद ने आवेदन देकर बताया कि पंचायत द्वारा बनाए गए सीसी रोड के कारण गांव का निस्तार का पानी सीधे उसके खेत में पहुंच रहा है, जिससे उसकी फसल को नुकसान हो रहा है। कलेक्टर ने इस मामले की जांच कर समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया।
जनसुनवाई में पुनासा निवासी गोविंद सिंह तोमर ने नगर परिषद द्वारा सीसी रोड निर्माण के लिए निकाले गए टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि केवल एक ही टेंडर खोला गया, जबकि अन्य टेंडरों को अपात्र घोषित कर दिया गया। उन्होंने निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाते हुए पुनः टेंडर जारी करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा खंडवा निवासी प्रदीप राजाणी ने जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट विद्युत मीटरों के कार्य में अनियमितताओं की शिकायत प्रस्तुत की। कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए अधीक्षण यंत्री को निर्देशित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं निष्पक्ष निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच कर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को समय पर न्याय और राहत मिल सके।

