टिमरनी- हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र में हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का परिचय दिया है। महिला सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के साथ पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर अपराधों के प्रति उसकी नीति पूरी तरह सख्त और संवेदनशील है। इस कार्रवाई से न केवल फरियादियों को राहत मिली है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर आमजन का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई की रात फरियादी धीरज पटेल निवासी बहरागांव अपने साले मनीष के साथ टिमरनी स्थित वेयरहाउस में मूंग बेचने के बाद मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। जब वे सोडलपुर नहर के समीप पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे चार आरोपियों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। आरोपियों में उषा बंजारा उर्फ कैटरीना, नरेन्द्र सोलंकी, अजय बंजारा और विजय नायक शामिल थे। आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट करते हुए उनके पास रखी नगदी, मोबाइल फोन, सोने की चेन और अन्य कीमती सामान लूट लिया। विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरियादियों की मोटरसाइकिल लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल फरियादियों को सहायता उपलब्ध कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना टिमरनी में तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक श्री शंशाक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित मिश्रा तथा एसडीओपी टिमरनी श्रीमती आकांक्षा तलया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मुकेश गौड़ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और घटनास्थल से जुटाए गए सुरागों के आधार पर लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर उषा बंजारा उर्फ कैटरीना (31 वर्ष), अजय बंजारा (23 वर्ष) और विजय नायक को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया दो पर्स, नगदी, एक सोने की चेन, मोबाइल फोन तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने बताया कि इस लूटकांड का एक अन्य आरोपी नरेन्द्र सोलंकी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को विश्वास है कि उसे भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले में शत-प्रतिशत सफलता हासिल होगी।
इस पूरे अभियान में एसडीओपी आकांक्षा तलया, थाना प्रभारी मुकेश गौड़, उपनिरीक्षक रामविलास करपे, उपनिरीक्षक प्रियंका पाठक, प्रधान आरक्षक नवीन चौधरी सहित आरक्षक अर्जुन लोवंशी, अभिलेष चतुर्वेदी, सुनील, शैलेन्द्र राजपूत, पिंटू उईके, अनिता एवं मोनिका जाट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने टीम के समन्वित प्रयास, त्वरित विवेचना और सक्रियता की सराहना करते हुए इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
टिमरनी पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित विवेचना, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग और मजबूत टीमवर्क के माध्यम से कम समय में भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। क्षेत्र के नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया है।
