मूंग खरीदी केंद्र की अव्यवस्था बनी किसानों और आमजन के लिए परेशानी, हाईवे पर घंटों लगा लंबा जाम | धीमी खरीदी प्रक्रिया और अपर्याप्त व्यवस्थाओं से बिगड़ी स्थिति, किसानों ने की स्थायी समाधान की मांग

हरदा/टिमरनी– प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन का कार्य जारी है, लेकिन कई खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को एक मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, कृषि वाहनों और अन्य वाहनों की लंबी कतारों ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि घंटों तक सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान अपनी मूंग की उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुंचने लगे थे। लेकिन खरीदी की गति धीमी होने, सीमित संसाधनों और पर्याप्त प्रबंधन के अभाव में किसानों के वाहन खरीदी केंद्र के बाहर लंबी कतारों में खड़े होते चले गए। कुछ ही समय में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन मुख्य सड़क तक पहुंच गई और देखते ही देखते हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र पर तौल की प्रक्रिया बेहद धीमी है। दस्तावेजों की जांच, पंजीयन सत्यापन और उपज की गुणवत्ता परीक्षण में अधिक समय लगने के कारण एक-एक किसान को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। इसके चलते खरीदी केंद्र पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई।

हाईवे पर लगे जाम का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी, निजी एवं यात्री बसें, मालवाहक वाहन तथा एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी जाम में फंस गईं। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी हुई, जबकि स्थानीय नागरिकों ने इसे प्रशासनिक प्रबंधन की कमी बताया।

घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन एवं पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारु बनाने के प्रयास शुरू किए। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने का प्रयास किया तथा खरीदी केंद्र के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि किसानों की अत्यधिक संख्या और वाहनों की लंबी कतार के कारण स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया।

किसानों ने प्रशासन से मांग की कि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त तौल कांटे, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, अलग पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश और निकास के अलग मार्ग तथा प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित व्यवस्थाएं की जाएं तो न केवल खरीदी प्रक्रिया तेज होगी बल्कि किसानों और आम जनता दोनों को राहत मिलेगी।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि खरीदी केंद्रों के आसपास यातायात प्रबंधन के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि मुख्य मार्गों पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि उपार्जन केंद्रों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को पहले से व्यापक योजना बनाकर कार्य करना चाहिए, जिससे समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ किसानों तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सके।

प्रदेश में हाल के दिनों में विभिन्न जिलों से भी मूंग खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि खरीदी व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए, ताकि किसानों का समय बचे, यातायात प्रभावित न हो और समर्थन मूल्य पर खरीदी की पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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