जबलपुर- मध्य प्रदेश की बिजली पारेषण व्यवस्था को सशक्त और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने देवास जिले के 220 केवी चापड़ा सबस्टेशन में 50 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। इस उपलब्धि से न केवल प्रदेश की विद्युत पारेषण क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि मालवा क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं, किसानों और सिंचाई परियोजनाओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।
नए ट्रांसफार्मर के चालू होने से चापड़ा सबस्टेशन की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 153 एमवीए हो गई है। यह सबस्टेशन में स्थापित 132/33 केवी स्तर का चौथा पावर ट्रांसफार्मर है, जो क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
किसानों और सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि चापड़ा सबस्टेशन में स्थापित यह नया ट्रांसफार्मर विशेष रूप से नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के पंप हाउस फीडरों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके माध्यम से सिंचाई परियोजनाओं को अधिक स्थिर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
मालवा क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए विद्युत आधारित पंपों पर निर्भर हैं। ऐसे में ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि से किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी मिलेगी राहत
बढ़ती आबादी और औद्योगिक विकास के कारण प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। नई क्षमता वृद्धि से घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिलेगी, वहीं उद्योगों को भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी, ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा।
एमपी ट्रांसको की क्षमता पहुंची नए शिखर पर
एमपी ट्रांसको के अनुसार, इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद कंपनी की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,348 एमवीए तक पहुंच गई है। इसके साथ ही वर्तमान में प्रदेश के विद्युत तंत्र में ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़कर 1,054 हो गई है।
यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश तेजी से अपने बिजली पारेषण नेटवर्क को आधुनिक और सुदृढ़ बना रहा है, ताकि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को समय रहते पूरा किया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई छलांग
राज्य सरकार द्वारा बिजली अवसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए सबस्टेशन, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पारेषण नेटवर्क किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास, कृषि समृद्धि और आर्थिक प्रगति की रीढ़ होता है। ऐसे में चापड़ा सबस्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
आने वाले वर्षों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए एमपी ट्रांसको की यह पहल प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करेगी और लाखों उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
