सामाजिक समरसता और भाईचारे का अनूठा मंच बना ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम’, कुंदन मालवीया का जन्मदिवस बना अविस्मरणीय

खंडवा- तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में जहां लोगों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं और सामाजिक आयोजनों का दायरा सीमित होता जा रहा है, वहीं शहर की गैर-राजनीतिक संस्था ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम’ लगातार सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और मानवीय रिश्तों को मजबूत करने का कार्य कर रही है। संस्था ने शुक्रवार रात्रि चावला मार्केट में शहर के लोकप्रिय राजनीतिक व्यक्तित्व कुंदन मालवीया का जन्मदिवस बड़े ही आत्मीय, पारिवारिक और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाकर एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम प्रेम, सम्मान और सहभागिता है।

जन्मदिन समारोह के दौरान कुंदन मालवीया का नागरिक अभिनंदन किया गया। उपस्थित नागरिकों एवं संस्था सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शुभकामनाएं देकर उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति का जन्मदिन केवल निजी खुशी का अवसर नहीं होता, बल्कि यह समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आत्मीयता और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम बन सकता है।

संस्था के संयोजक विक्रम सहजवानी, जैकी रेवतानी और नीरज फतवानी ने बताया कि ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम’ संस्था अपने गठन के समय से ही सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। संस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को बिना किसी भेदभाव के एक सूत्र में पिरोना है। यही कारण है कि संस्था ने अब तक 1200 से अधिक लोगों के जन्मदिन मनाकर एक ऐसी परंपरा स्थापित की है, जो शहर में सामाजिक एकता और मानवता की मिसाल बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि संस्था किसी राजनीतिक विचारधारा, जाति, धर्म, वर्ग, आर्थिक स्थिति अथवा सामाजिक स्तर के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती। संस्था का प्रयास रहता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान मिले और उसे यह महसूस हो कि वह समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जन्मदिन जैसे छोटे-छोटे आयोजनों के माध्यम से संस्था लोगों के बीच संवाद, आत्मीयता और पारस्परिक सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करती है।

वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में समाज को जोड़ने वाले ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। जब विभिन्न वर्गों, समाजों और विचारधाराओं के लोग एक ही मंच पर एकत्रित होकर किसी व्यक्ति की खुशियों में सहभागी बनते हैं, तब सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का वातावरण स्वतः निर्मित होता है। यही कारण है कि शहर के अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिक इस संस्था को ‘सामाजिक एकत्रीकरण का सशक्त मंच’ मानते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संस्था की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम’ ने केवल जन्मदिन मनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि लोगों के बीच प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्था के आयोजनों में हर वर्ग और हर आयु के लोग शामिल होते हैं, जो इसकी लोकप्रियता और समाज के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर राजेश परचानी, श्याम हेमवानी, संजय सभनानी, प्रदीप कोटवानी, अजय विधानी, हरीश मुरजानी, कैलाश चंचलानी, अनिल सहजवानी, अमित वेधानी, सुनील चंचलानी, साहिल मंगवानी, भीष्म सहजवानी, विशेष मार्गदर्शक किशोर चंदवानी, विजय मंगवानी, दीपू हिंगोरानी, जैकी गोस्वामी और रवि आसवानी, साहिल मंगवानी, विजय मंगवानी सहित बड़ी संख्या में संस्था सदस्य, समाजसेवी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन कमल नागपाल ने किया, जबकि अंत में जैकी रेवतानी ने उपस्थित सभी अतिथियों, सदस्यों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के ऐसे आयोजन निरंतर करती रहेगी।

यह आयोजन केवल एक जन्मदिन समारोह नहीं था, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे, आपसी सम्मान और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत करने का एक प्रेरणादायी प्रयास भी था। ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम’ संस्था ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यदि उद्देश्य समाज को जोड़ना हो, तो छोटे-छोटे अवसर भी बड़े सामाजिक संदेश का माध्यम बन सकते हैं।

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