खंडवा- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एसएन कॉलेज) में रविवार को “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत जागरूकता और जनभागीदारी का प्रेरक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली से प्रसारित राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सामूहिक श्रवण किया गया। महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेते हुए समाज में जनजागरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), रेडक्रॉस, माय भारत तथा विभिन्न छात्र प्रकोष्ठों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें विकसित भारत-2047 के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
नुक्कड़ नाटक ने दिखाई नशे की भयावह सच्चाई
कार्यक्रम की शुरुआत नशामुक्ति विषय पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुई। कलाकारों ने सशक्त अभिनय के माध्यम से बताया कि किस प्रकार आधुनिकता, मित्रों का दबाव और सोशल मीडिया की दिखावटी संस्कृति के कारण अनेक युवा नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। शुरुआत में शौक के रूप में अपनाई गई आदत धीरे-धीरे ऐसी लत बन जाती है, जो व्यक्ति के जीवन, परिवार, शिक्षा और भविष्य को बर्बाद कर देती है।
नाटक में यह भी दर्शाया गया कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट में धकेल देता है। गरीबी, अपराध, बीमारी, टूटते रिश्ते और बिखरते सपने नशे की सबसे बड़ी कीमत होते हैं। कलाकारों ने यह संदेश भी दिया कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को तिरस्कार नहीं, बल्कि परिवार, मित्रों और समाज का सहयोग मिलना चाहिए। नाटक का समापन “नशा हारेगा ज़रूर” के प्रेरक संदेश के साथ हुआ, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत
इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन का सामूहिक श्रवण किया गया। अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और नशा उसी शक्ति को कमजोर करने वाला सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने युवाओं से नशे के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा करने का आह्वान करते हुए कहा कि परिवार, शिक्षक, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रत्येक नागरिक को इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रग्स केवल एक व्यक्ति का जीवन नहीं बिगाड़ते, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को प्रभावित करते हैं। उन्होंने यह भी चेताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और भारत विरोधी शक्तियां युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर देश की ऊर्जा और क्षमता को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती हैं। इसलिए नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का भी महत्वपूर्ण अभियान है।
योग, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जो पदार्थ मनुष्य के विवेक और आत्मसंयम को समाप्त कर दे, वह अंततः पतन का कारण बनता है। उन्होंने युवाओं से योग, ध्यान, खेल, संगीत, सेवा और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे उपहास नहीं बल्कि सहयोग और विश्वास मिलना चाहिए। परिवार का स्नेह, समाज का सहयोग और व्यक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति मिलकर किसी भी जीवन को नई दिशा दे सकती है।
महाविद्यालय ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ 
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने कहा कि नशे से केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका परिवार, समाज और पूरा राष्ट्र प्रभावित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशामुक्त रहने और कम से कम एक अन्य व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य ने महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। सभी ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गणेश प्रसाद डावरे, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. रेखा गुंजन, डॉ. कुलदीप सिंह फरे, डॉ. रश्मि प्रभा फरे, डॉ. शुचि गुप्ता, डॉ. कृष्णा सोलंकी, प्रो. महेश भाबोर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में एनएसएस, एनसीसी, रेडक्रॉस, माय भारत तथा अन्य छात्र प्रकोष्ठों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक कर उन्हें राष्ट्र निर्माण के मिशन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
