खंडवा- वर्षा ऋतु को पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय मानते हुए ग्राम पंचायत धावड़ी परिसर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा ग्रामीणों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव विकसित करना रहा। इस अवसर पर पंचायत परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के अनुकूल पौधे रोपे गए।

पौधारोपण कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि रामपाल करोची, ग्राम पंचायत सचिव राधेश्याम कलमें, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमिला डोडे, संतोष डोडे, सुलोचना करोंची, पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य शासकीय अमले ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए यह संदेश दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए पौधारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। वृक्ष न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि भूजल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन, मिट्टी के कटाव को रोकने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण से भविष्य में जल संकट और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर ग्रामीणों से अपने घर, खेत, विद्यालय और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। ग्राम पंचायत ने भी हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के लिए भविष्य में ऐसे जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।

पौधारोपण कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामुदायिक सहभागिता का सकारात्मक संदेश देते हुए ग्रामीणों को प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया।

