खंडवा- उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एसएन कॉलेज), खंडवा में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन की नई शुरुआत के साथ शिक्षा, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, रक्तदान, लैंगिक समानता, राष्ट्रीय सेवा और सामाजिक दायित्वों से परिचित कराया गया।
तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और नई शिक्षा नीति की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि उच्च शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक एवं माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय का जीवन युवाओं के भविष्य की दिशा तय करता है। यदि विद्यार्थी स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम को अपनाते हैं तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ संस्कारों को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गणेश प्रसाद दावरे ने विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन की चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह समय स्वयं को पहचानने, नई क्षमताओं को विकसित करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का है।
द्वितीय दिवस पर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक सत्रों में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लागू नवीन शिक्षा प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। डॉ. परविंदर कौर खनूजा ने बताया कि नई शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों को बहुविषयक अध्ययन, कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। वहीं डॉ. शर्मिला मीणा ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की गतिविधियों एवं उससे मिलने वाले अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के अवसरों की जानकारी दी। डॉ. मीना राठौर ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं तथा विभिन्न छात्रहित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए कार्यक्रम में विशेष परामर्श सत्र आयोजित किया गया। डॉ. शुचि गुप्ता एवं जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. संजय इंगले ने विद्यार्थियों को तनाव, अवसाद, परीक्षा के दबाव तथा भावनात्मक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण बताते हुए आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने में संकोच न करने की सलाह दी। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं और मतदाता पंजीयन संबंधी जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और एक यूनिट रक्त कई लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
डॉ. रश्मिप्रभा फरे ने लैंगिक समानता पर विचार रखते हुए कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार प्राप्त हों। उन्होंने विद्यार्थियों से समानता, संवेदनशीलता और पारस्परिक सम्मान की भावना विकसित करने का आग्रह किया।
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एएसआई श्री भागवत लोखंडे ने साइबर सुरक्षा विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा “साइबर दोस्त” यूट्यूब चैनल की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी बड़े आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचा सकती है।
रेड क्रॉस गतिविधियों पर आयोजित सत्र में प्रो. विपिन कुमार जैन ने विद्यार्थियों को रेड क्रॉस के मानवीय सिद्धांतों, प्राथमिक उपचार, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), गोल्डन ऑवर की महत्ता तथा मध्यप्रदेश शासन की राहवीर योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में दी गई सही सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है।
इस अवसर पर डॉ. रेखा गुंजन, डॉ. एस.के. गोयल, डॉ. सुशीला गायकवाड एवं डॉ. कुलदीप सिंह रावत ने भी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के उद्देश्यों, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर प्रेरणादायी विचारों से अवगत कराया।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुलदीप सिंह फरे रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन प्रो. पी.आर. वर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. गजानंद वास्कले ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
यह दीक्षारंभ कार्यक्रम केवल औपचारिक स्वागत समारोह नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा मार्गदर्शी मंच सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें उच्च शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना, मानवीय संवेदनाओं और आधुनिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए भविष्य की सफल एवं सार्थक यात्रा के लिए प्रेरित किया।

