धुले पुलिस की कार्रवाई पर खंडवा के व्यापारियों ने उठाए सवाल, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

 

खंडवा- महाराष्ट्र के धुले जिले की पुलिस द्वारा हाल ही में खंडवा में एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर की गई कार्रवाई के बाद जिले के व्यापारिक जगत में उत्पन्न असमंजस और चिंता को लेकर पूर्व निमाड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को श्री पूज्य सिंधी पंचायत के साथ मिलकर पुलिस अधीक्षक अगम जैन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने मामले में स्पष्टता, वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी और भविष्य में व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

चेंबर के संरक्षक गुरमीत सिंह उबेजा ने बताया कि 27 जून 2026 को महाराष्ट्र के धुले जिले की पुलिस ने खंडवा स्थित एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यापारी को अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई के संबंध में स्थानीय व्यापारियों के बीच यह चर्चा रही कि पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय पुलिस को विश्वास में नहीं लिया गया। यदि ऐसा हुआ है तो यह स्थिति कई प्रशासनिक और कानूनी प्रश्न खड़े करती है, जिनका समाधान आवश्यक है।

ज्ञापन में कहा गया कि मध्यप्रदेश में पान मसाला का व्यापार लंबे समय से राज्य सरकार के लागू कानूनों, नियमों और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो रहा है। जिले के अधिकांश व्यापारी आवश्यक लाइसेंस, पंजीयन और वैधानिक अनुमतियों के साथ अपना व्यवसाय कर रहे हैं। ऐसे में किसी दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा सीधे कार्रवाई किए जाने से व्यापारियों के बीच यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि ऐसी कार्रवाई किन परिस्थितियों और किस वैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत की गई।

चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी वैधानिक जांच या कानूनसम्मत कार्रवाई का विरोध नहीं करता। संगठन हमेशा कानून के शासन, प्रशासनिक सहयोग और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता आया है। लेकिन व्यापारिक गतिविधियों की निरंतरता, निवेशकों के विश्वास और जिले के स्वस्थ व्यावसायिक वातावरण को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि ऐसी घटनाओं के संबंध में व्यापारियों को स्पष्ट जानकारी मिले और उनके मन में उत्पन्न शंकाओं का समाधान किया जाए।

व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पूरे व्यापारिक समुदाय में अनिश्चितता का माहौल बनता है। यदि किसी व्यापारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है तो उसकी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विधिसम्मत होनी चाहिए, ताकि अन्य व्यापारियों में किसी प्रकार का भय या भ्रम उत्पन्न न हो। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि स्थानीय प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच वर्षों से बना विश्वास कायम रहना आवश्यक है।

ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया गया कि मामले का आवश्यक संज्ञान लेकर व्यापारियों को उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाए तथा यह विश्वास दिलाया जाए कि मध्यप्रदेश में वैध रूप से व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही भविष्य में यदि किसी अन्य राज्य की एजेंसी द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई की जाती है तो वैधानिक प्रक्रिया और समन्वय का पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते समय गुरमीत सिंह उबेजा, श्री पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष मेठाराम पिंजानी, राजेश परचानी, अनिल आहूजा, मूलचंद फतवानी, द्वारका मोहनानी, किशनचंद फतवानी, मनोहरलाल संतवानी, शत्रुघ्न वासवानी, कमल नागपाल, मेहुल पटेल, नारायणदास चावला, राहुल परचानी, बाबू बिनवानी, विजय पारवानी, रवि फतवानी, शिवम मालवीय, जीतू तिवारी, उधमदास फरवानी, जुगल फतवानी और मोंटी परचानी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

व्यापारिक संगठनों ने विश्वास जताया कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता, संवेदनशीलता और विधि के शासन की भावना के अनुरूप इस विषय पर आवश्यक कदम उठाएगा तथा व्यापारियों और प्रशासन के बीच आपसी विश्वास एवं सहयोग की परंपरा को और मजबूत बनाए रखने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

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