खंडवा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित: प्रशासन हाई अलर्ट पर, राहत शिविर तैयार; नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

खंडवा- खंडवा जिले में गुरुवार को दोपहर बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई भारी वर्षा के कारण अनेक निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई, वहीं नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने नगर निगम, राजस्व विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रभारी कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी-नालों के किनारे बसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और जहां भी नागरिकों को राहत की आवश्यकता हो, वहां बिना विलंब सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत शिविरों की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उन्हें वहां स्थानांतरित किया जाए।

नागरिकों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा बच्चों को नालों, पुल-पुलियों और जलमग्न स्थानों के समीप न जाने दें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या राहत की आवश्यकता होने पर तत्काल जिला कंट्रोल रूम अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

गुरुवार रात प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने शहर के विभिन्न निचले और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से चर्चा कर उन्हें एहतियात के तौर पर राहत शिविरों में जाने की समझाइश दी तथा प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

नगर निगम ने गठित किए विशेष राहत एवं बचाव दल

नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने बताया कि अतिवर्षा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर पालिक निगम द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को राहत एवं बचाव कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे मोबाइल पर उपलब्ध रहने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम ने संभावित जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत शिविरों का चयन कर लिया है। प्रत्येक राहत शिविर के लिए प्रभारी अधिकारी एवं सहायक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, उनके ठहरने तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे।

इन स्थानों पर बनाए गए राहत एवं आश्रय केंद्र

संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए शहर में कई सुरक्षित आश्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें एमएलबी स्कूल, जनता स्कूल, कस्तूरबा विद्यालय, रामनगर प्राथमिक शाला, मोहनलाल स्कूल तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला शामिल हैं। इन केंद्रों पर बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, टेंट, बिस्तर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

नगर निगम का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। यहां तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो प्राप्त शिकायतों का तत्काल पंजीयन कर राहत दलों को मौके पर भेजेंगे तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस कंट्रोल रूम के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेंगे।

जल निकासी और सफाई अभियान तेज

लगातार हो रही वर्षा के कारण नालों और नालियों में अवरोध तथा जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने शहर के सभी जोनों में विशेष सफाई अभियान प्रारंभ कर दिया है। जोन प्रभारियों एवं स्वास्थ्य निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करें, जल निकासी में बाधा बनने वाले अवरोधों को तत्काल हटाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सफाई अमला तैनात करें। कंट्रोल रूम में भी अतिरिक्त सफाई दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश

लगातार हो रही भारी वर्षा और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने 31 जुलाई (शुक्रवार) को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं अन्य सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिवस का अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा मौसम सामान्य होने तक सतर्कता और सावधानी बरतें।लगातार हो रही वर्षा के बीच प्रशासन की त्वरित सक्रियता, राहत शिविरों की पूर्व तैयारी और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले कदम यह दर्शाते हैं कि संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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