गुरु पूर्णिमा से पहले दादाजी धाम को लेकर तेज हुई मांग, सद्भावना मंच ने रेल मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

सद्भावना मंच ने रेल मंत्री, रेल महाप्रबंधक और मुख्यमंत्री को भेजे मेल व ट्वीट; ‘श्री दादाजी धाम एक्सप्रेस’, खंडवा स्टेशन के नाम परिवर्तन और ‘दादाजी लोक’ निर्माण की उठाई मांग

खंडवा-  गुरु पूर्णिमा महापर्व के निकट आते ही धार्मिक नगरी खंडवा से जुड़ी वर्षों पुरानी मांगों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। सामाजिक संस्था सद्भावना मंच ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री, रेलवे के महाप्रबंधक तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को ई-मेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। संस्था ने श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘श्री दादाजी धाम एक्सप्रेस’ ट्रेन के पुनः संचालन, खंडवा जंक्शन का नाम ‘श्री दादाजी धाम’ करने तथा ‘दादाजी लोक’ के निर्माण की मांग दोहराई है।

माली कुआँ स्थित सद्भावना मंच कार्यालय में आयोजित बैठक में मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि आगामी 28 और 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु श्री दादाजी धाम पहुंचेंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भुसावल–नागपुर ‘श्री दादाजी धाम एक्सप्रेस’ को पुनः शुरू किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विशेष अवसरों पर अतिरिक्त रेल सेवाएं उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम होगी।

बैठक में खंडवा जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री दादाजी धाम’ किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। मंच का तर्क है कि देश में समय-समय पर कई शहरों और रेलवे स्टेशनों के नाम उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप बदले गए हैं। ऐसे में खंडवा, जो संत श्री दादाजी की तपोभूमि और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, उसे भी उसकी धार्मिक पहचान के अनुरूप नाम दिया जाना चाहिए।

सद्भावना मंच ने प्रदेश सरकार से एक और महत्वपूर्ण मांग करते हुए कहा कि उज्जैन के ‘महाकाल लोक’ और ओंकारेश्वर के ‘ओंकारेश्वर लोक’ की तर्ज पर खंडवा में ‘श्री दादाजी लोक’ का विकास किया जाए। संस्था का मानना है कि इससे श्री दादाजी धाम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक बढ़ेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और जिले की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

मंच के सदस्य कमल नागपाल ने बताया कि संस्था लंबे समय से इन मांगों को विभिन्न माध्यमों से शासन और प्रशासन के समक्ष रखती रही है। गुरु पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण अवसर से पहले एक बार फिर संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित करने के लिए मेल और ट्वीट किए गए हैं। संस्था को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की भावनाओं और जनहित को देखते हुए सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

बैठक में मंच के संस्थापक प्रमोद जैन, क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के हमशक्ल ऋषभ मालाकार, कैलाश शर्मा, सुरेंद्र गीते, त्रिलोक चौधरी, गणेश भावसार, ओम पिल्ले, एन.के. दवे, राधेश्याम शाक्य, धीरज नेगी, कमल नागपाल, अनूप शर्मा, योगेश गुजराती, मनीष गुप्ता, निर्मल मंगवानी, एम.एम. कुरैशी, रामदास शर्मा, अशोक पारवानी, सुभाष मीणा, कैलाश पटेल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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