सागर/मध्यप्रदेश – सागर जिले की बंडा तहसील के बराज गांव में कथित जहरीली शराब के सेवन से 9 लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना में 11 अन्य लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें उपचार के लिए बंडा और सागर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मृतक बंडा क्षेत्र के बराज गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों की सूचना सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। सागर एसपी अनुराग सुजानिया सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अधीनस्थ अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई और जांच शुरू की।
पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ घटना के वास्तविक कारण का पता लगाना है। पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कि मृतकों और बीमार हुए लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी और वह शराब किस माध्यम से गांव तक पहुंची।
11 पीड़ितों का उपचार जारी
घटना में प्रभावित बताए जा रहे 11 लोगों को सागर और बंडा में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी जांच एजेंसियों एवं चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर सामने आने की उम्मीद है।
एक साथ कई लोगों के प्रभावित होने की घटना ने प्रशासन के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अस्पतालों में उपचार और चिकित्सकीय जांच के साथ मामले से जुड़े नमूनों और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मौत की असली वजह जांच और पोस्टमार्टम के बाद होगी स्पष्ट
हालांकि प्रारंभिक तौर पर मौतों को जहरीली शराब से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अभी इसे अंतिम रूप से जहरीली शराब से हुई मौत कहना जल्दबाजी होगी। मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय जांच और आवश्यक फोरेंसिक परीक्षणों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब में किसी जहरीले या प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि प्रभावित लोगों ने एक ही स्थान से शराब खरीदी थी अथवा अलग-अलग स्रोतों से।
नकली शराब की शिकायतों ने बढ़ाई चिंता
बंडा की घटना के बीच जिले में अवैध और नकली शराब की बिक्री को लेकर पहले से उठती रही शिकायतों की चर्चा भी तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, हाल ही में शहर के एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने ‘बाम्बे व्हिस्की’ नाम से कथित नकली शराब की बिक्री को लेकर आबकारी कार्यालय में शिकायत की थी।
बताया जा रहा है कि शिकायत में नकली शराब की बिक्री को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी। अब बंडा में सामने आई मौतों की घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
हालांकि, उक्त शिकायत और बंडा की घटना के बीच सीधा संबंध अभी जांच में स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए दोनों मामलों को जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
आबकारी विभाग की बैठक में भी उठा था अवैध शराब का मुद्दा
बताया जा रहा है कि घटना से करीब चार दिन पहले आबकारी विभाग की बैठक में जिले के लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने अवैध और नकली शराब की बिक्री का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखते हुए अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी।
अब बंडा में सामने आई इस घटना के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि यदि क्षेत्र में अवैध अथवा नकली शराब का कारोबार सक्रिय है तो उसके स्रोत तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
शराब के अवैध नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शराब के स्रोत का पता लगाना है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित रूप से संबंधित शराब कहां से लाई गई, किसने इसे बेचा और इसके वितरण में कौन-कौन लोग शामिल थे।
यदि जांच में अवैध शराब की बिक्री या जहरीले पदार्थ मिलाकर शराब तैयार करने की पुष्टि होती है तो मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद बराज गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल है। एक साथ कई लोगों की मौत और अन्य लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों द्वारा अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
प्रशासन के सामने अब न केवल मौतों की वास्तविक वजह सामने लाने की चुनौती है, बल्कि यदि अवैध शराब की पुष्टि होती है तो उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचना भी महत्वपूर्ण होगा।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इनका संबंध जहरीली शराब से था।
बंडा की इस घटना ने एक बार फिर अवैध और नकली शराब के कारोबार पर प्रभावी निगरानी की जरूरत को सामने ला दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
