खंडवा- खंडवा जिले की पंधाना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के समन्वय से एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी महज 12 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। ग्राम कुसुंबिया में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि घरेलू कलह, लगातार मारपीट और आपसी संबंधों के चलते दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और सोते समय युवक पर लकड़ी से हमला कर उसकी जान ले ली।
यह कार्रवाई खंडवा पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों पर त्वरित नियंत्रण और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति के प्रभावी उपयोग का उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर बिना किसी प्रत्यक्ष चश्मदीद के हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता प्राप्त की।
शव मिलने से मचा हड़कंप
घटना 1 जुलाई 2026 की है, जब ग्राम उमरदा निवासी लालसिंह डावर ने थाना पंधाना पहुंचकर सूचना दी कि उसके भाई केदार डावर (29) का शव ग्राम कुसुंबिया में पड़ा है। मृतक के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मामला गंभीर होने के कारण अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
तकनीकी जांच ने खोले हत्या के राज
शुरुआत में घटना पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रही थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल पर ऐसा कोई प्रत्यक्ष सुराग नहीं था, जिससे आरोपियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
ऐसे में पंधाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, स्थानीय सूचना तंत्र और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान मृतक की पत्नी रिंकू बाई और ग्राम उमरदा निवासी करण (21) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई।
घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी रिंकू बाई ने पुलिस के सामने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। उसने बताया कि उसका पति केदार अक्सर उसके साथ मारपीट करता था, जिससे वह लंबे समय से परेशान थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां करण से बढ़ीं और दोनों ने मिलकर केदार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
योजना के अनुसार, जब केदार रात में सो गया तो दोनों ने लकड़ी से उसके सिर पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने इसे सामान्य घटना दिखाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की जांच के सामने उनकी योजना ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आरोपी रिंकू बाई (28) और करण (21) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
12 घंटे में मिला सफलता का परिणाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर लगातार जांच की गई। तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ मुखबिर तंत्र की सक्रियता के कारण हत्या की गुत्थी महज 12 घंटे में सुलझा ली गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह देवड़ा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजेंद्र सोलंकी, सहायक उपनिरीक्षक अमरसिंह जमरे, प्रधान आरक्षक विनायक, दिलीप मालवीय, महिला प्रधान आरक्षक आशा भुरिया, आरक्षक अनिल, विजय, महिला आरक्षक तृप्ति तिवारी, प्रधान आरक्षक विक्रम वर्मा, सुनील लाडगे (साइबर सेल) सहित जिला एफएसएल अधिकारी सुनील मकवाना, उपनिरीक्षक गणेश पाटीदार एवं एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गंभीर अपराधों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
खंडवा पुलिस लगातार हत्या, चोरी, नकबजनी, महिला अपराध और अन्य गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है। पंधाना थाना पुलिस द्वारा 12 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा न केवल पुलिस की पेशेवर कार्यशैली को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच और सतर्क पुलिसिंग के माध्यम से जटिल अपराधों का भी शीघ्र खुलासा संभव है।

