खंडवा- स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर पर जिला प्रशासन खंडवा द्वारा राहत एवं बचाव कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रिषभ पटेल को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। रिषभ पटेल ने हांडी-कुंडी क्षेत्र में बाढ़ के दौरान फंसे चार युवकों के रेस्क्यू ऑपरेशन में ड्रोन का प्रभावी संचालन करते हुए प्रशासन एवं बचाव दल की मदद की थी।
हांडी-कुंडी क्षेत्र में चार युवकों के बाढ़ के पानी में फंसने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दल द्वारा उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और पानी के तेज बहाव के बीच घटनास्थल की निगरानी तथा स्थिति का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण था। ऐसे समय में ड्रोन के माध्यम से घटनास्थल की निगरानी में रिषभ पटेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
रिषभ पटेल ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ड्रोन का संचालन कर घटनास्थल की स्थिति की जानकारी प्रशासन एवं बचाव दल तक पहुंचाने में सहयोग किया। इससे रेस्क्यू टीम को परिस्थितियों का आकलन करने और बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिली।
सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के साथ निभाई महती भूमिका
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान रिषभ पटेल द्वारा निभाई गई भूमिका सिविल डिफेंस तथा जिला कमांडेंट होमगार्ड/एसडीआरएफ, खंडवा के लिए भी महत्वपूर्ण सहयोग साबित हुई। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन के जरिए निगरानी में सहयोग देना चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन में उपयोगी साबित हुआ।
चार युवकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए इस अभियान में प्रशासन, होमगार्ड, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित टीमों ने समन्वय के साथ कार्य किया। इसी दौरान रिषभ पटेल ने ड्रोन संचालन की जिम्मेदारी निभाते हुए बचाव अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान
राहत एवं बचाव कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रशासन की सहायता के लिए रिषभ पटेल को 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र में उनके द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ड्रोन संचालन में बेहतर भूमिका निभाने और सक्रिय सहभागिता के लिए सराहना की गई है।
यह सम्मान न केवल रिषभ पटेल के व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में तकनीक, तत्परता और टीमवर्क के महत्व को भी रेखांकित करता है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का सही समय पर प्रभावी उपयोग राहत एवं बचाव अभियानों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिषभ पटेल के इस सराहनीय योगदान पर सहयोगियों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और भविष्य में भी इसी समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं।
ड्रोन की मदद से जॉकेट, खाना, टॉर्च और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई
हांडी-कुंडी में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रिषभ राजेश पटेल ने ड्रोन की मदद से बाढ़ में फंसे युवकों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। सबसे पहले ड्रोन के माध्यम से जॉकेट पहुंचाई गईं। इसके बाद खाना, टॉर्च और अन्य जरूरी सामग्री भी ड्रोन की मदद से मौके तक पहुंचाई गई। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रिषभ ने लगातार ड्रोन का संचालन करते हुए प्रशासन और बचाव दल की मदद की।
उल्लेखनीय है कि जसवाड़ी निवासी रिषभ राजेश पटेल इंदौर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्ययनरत हैं। कॉलेज की छुट्टी के दौरान वे अपने घर आए हुए थे। इसी दौरान होमगार्ड की टीम जसवाड़ी पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी मिलने पर रिषभ भी मौके पर पहुंचे और हांडी-कुंडी जाकर ड्रोन संचालन में सहयोग किया।
रिषभ समय-समय पर अपनी मां ड्रोन पायलट श्रीमती आशा पटेल की भी ड्रोन संचालन में मदद करते हैं। इसी अनुभव का लाभ उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में चलाए गए हांडी-कुंडी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उठाया और रातभर लगातार ड्रोन संचालित कर राहत एवं बचाव कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रिषभ पटेल द्वारा विपरीत परिस्थितियों में तत्परता के साथ की गई मदद की स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
