खंडवा में पहली बार होगा ‘छात्र गौरव रत्न’ सम्मान समारोह, गुरु-शिष्य मिलन की अनूठी पहल | 1977 से 2002 के बीच पढ़े पूर्व छात्रों का होगा सम्मान, देश-विदेश से जुटेंगे शिष्य; गुरुजनों के सम्मान के साथ होगी संस्मरण, मिमिक्री और संगीत की महफिल

खंडवा- खंडवा के लिए रविवार, 9 अगस्त का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। श्री रायचंद नागड़ा शासकीय बहुउद्देशीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक शाला के पूर्व छात्रों के लिए पहली बार ‘छात्र गौरव रत्न सम्मान समारोह’ आयोजित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह आयोजन केवल पूर्व छात्रों के सम्मान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे गुरु-शिष्य मिलन समारोह के रूप में भी मनाया जाएगा।

इस विशेष आयोजन में मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, औरंगाबाद, अहमदनगर, दिल्ली, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अलीराजपुर सहित विभिन्न शहरों में रहने वाले शाला के पूर्व छात्र खंडवा पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर पूर्व छात्रों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में छात्र अपने परिवार के साथ इसमें शामिल होंगे।

100 साल से अधिक पुरानी शाला की गौरवशाली परंपरा

शाला में वर्ष 1977 से 2002 तक शिक्षक एवं एनसीसी अधिकारी रहे डॉ. सुभाष शर्मा ने बताया कि इस शिक्षण संस्थान की गौरवशाली यात्रा वर्ष 1902 में शुरू हुई थी। वर्ष 2002 में शाला का शताब्दी वर्ष मनाया गया। इसी वर्ष शाला को उत्कृष्ट विद्यालय में परिवर्तित किया गया तथा पुराने शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद नई नियुक्तियां की गईं।

पुरानी शाला से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां से निकले विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, न्यायाधीश, अधिवक्ता, सेना अधिकारी, उद्योगपति, व्यवसायी, पत्रकार, साहित्यकार, गीतकार, लेखक, कवि और समीक्षक बने हैं। अनेक पूर्व छात्र देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता के माध्यम से शाला और अपने गुरुजनों का नाम रोशन कर रहे हैं।

शिक्षक सम्मान से आगे बढ़ा छात्र सम्मान का विचार

समाजसेवी सुनील जैन और शाला के पूर्व छात्र कमल नागपाल ने बताया कि छात्र गौरव रत्न सम्मान समारोह की परिकल्पना डॉ. सुभाष शर्मा के मन में आई। उन्होंने विचार रखा कि शिक्षक सम्मान समारोह तो अक्सर आयोजित होते हैं, लेकिन उन शिष्यों को सम्मानित करने की पहल भी होनी चाहिए, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता हासिल कर शाला का गौरव बढ़ाया।

इसके बाद स्थानीय पूर्व छात्रों से विचार-विमर्श किया गया। डॉ. शर्मा के कार्यकाल 1977 से 2002 के बीच शाला में अध्ययनरत रहे विद्यार्थियों से संपर्क किया गया। इनमें गणित, जीव विज्ञान, वाणिज्य, कला, एनसीसी और स्काउट सहित विभिन्न संकायों एवं गतिविधियों से जुड़े विद्यार्थी शामिल हैं। सभी की सहमति और उत्साह के बाद इस आयोजन को आकार दिया गया।

9 अगस्त को सुबह से रात तक चलेगा कार्यक्रम

दो दिवसीय आयोजन 8 और 9 अगस्त को किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम 9 अगस्त को अक्षत गार्डन में आयोजित होगा, जो सुबह 9 बजे से शुरू होकर रात तक चलेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वल्पाहार के साथ होगी। इसके बाद पूर्व छात्र अपनी पुरानी शाला में पहुंचकर प्रार्थना और राष्ट्रगान में शामिल होंगे तथा अपनी पुरानी कक्षाओं का अवलोकन करेंगे। वर्षों बाद अपने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचना पूर्व छात्रों के लिए भावुक और यादगार अनुभव होगा।

शिष्य करेंगे गुरुजनों का सम्मान, गुरु देंगे ‘छात्र गौरव रत्न’

कार्यक्रम के दोपहर सत्र में पूर्व छात्र अपने गुरुजनों का सम्मान करेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। आयोजन में शाला के सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सहपरिवार आमंत्रित किया गया है।

इसके बाद गुरुजन अपने होनहार और सफल शिष्यों को ‘छात्र गौरव रत्न’ सम्मान से सम्मानित करेंगे। इस तरह आयोजन में सम्मान का अनूठा क्रम देखने को मिलेगा—शिष्य अपने गुरु को सम्मान देंगे और गुरु अपने शिष्य की उपलब्धियों को सम्मानित करेंगे।

खुले मंच पर सुनाए जाएंगे पुराने दिनों के संस्मरण

समारोह का सबसे रोचक हिस्सा खुले मंच पर आयोजित होने वाला संस्मरण सत्र होगा। पूर्व छात्र अपने छात्र जीवन से जुड़े खुशनुमा और यादगार किस्से साझा करेंगे। पुराने शिक्षकों, कक्षाओं, मित्रों और स्कूल के दिनों से जुड़े संस्मरणों के साथ हास्य और मनोरंजन का रंग भी देखने को मिलेगा।

पूर्व छात्र अपने गुरुजनों की मिमिक्री भी प्रस्तुत करेंगे, जिससे कार्यक्रम में पुरानी यादों के साथ हंसी और मनोरंजन का माहौल बनेगा।

शाम को सजेगी ‘संगीत निशा’

कार्यक्रम के अंतिम चरण में शाम को संगीत निशा का आयोजन होगा। इसकी खासियत यह होगी कि इसमें कलाकार बाहर से नहीं, बल्कि इसी शाला के पूर्व छात्र होंगे। छात्र स्वयं गायन, कविता, वाद्य संगीत और अपनी आवाज के माध्यम से प्रस्तुति देंगे।

इस आयोजन में वर्षों बाद मिले सहपाठी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ पुराने दिनों की दोस्ती और यादों को भी ताजा करेंगे।

गुरु ही होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह पारिवारिक स्वरूप में रखा गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि कार्यक्रम में गुरुजनों को ही मुख्य अतिथि का स्थान दिया गया है। छात्र अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और अपनत्व व्यक्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि छात्र सम्मान का यह आयोजन वास्तव में गुरु-शिष्य परंपरा और पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत करने वाला मिलन समारोह है।

खंडवा में पहली बार, यादों का बनेगा ऐतिहासिक दस्तावेज

आयोजकों के अनुसार इस तरह का आयोजन खंडवा में पहली बार किया जा रहा है। इसमें एक ही शाला के अलग-अलग क्षेत्रों में सफल हुए पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने के साथ उनके गुरुजनों से उनका पुनर्मिलन कराया जा रहा है।

‘छात्र गौरव रत्न’ सम्मान समारोह केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि उस गुरु-शिष्य संबंध का उत्सव है, जिसने विद्यार्थियों के जीवन को दिशा दी। दशकों बाद एक साथ जुट रहे पूर्व छात्रों और उनके गुरुजनों के लिए यह आयोजन निश्चित रूप से भावनात्मक, स्मरणीय और ऐतिहासिक बनने जा रहा है।

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