रीवा- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को भारतीय रेडक्रास समिति, रीवा में अत्याधुनिक कृत्रिम अंग निर्माण यूनिट और ब्लड सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण कर प्रदेश के दिव्यांगजनों को एक बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने तीन दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग भी प्रदान किए और कहा कि यह पहल केवल एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और नई उम्मीद का संचार करने वाली पहल है।
दिव्यांगजनों के लिए अब रीवा में ही मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रेडक्रास समिति में स्थापित यह कम्प्यूटरीकृत और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यूनिट दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप सटीक माप के कृत्रिम अंग उपलब्ध कराएगी। इससे उन्हें बेहतर गतिशीलता और सामान्य जीवन जीने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अब तक कृत्रिम अंग बनवाने के लिए लोगों को दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे महानगरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह सुविधा रीवा में ही उपलब्ध होने से न केवल रीवा संभाग, बल्कि सागर, जबलपुर संभाग और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के दिव्यांगजनों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रीवा बनेगा कृत्रिम अंग निर्माण का क्षेत्रीय हब
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अंग निर्माण यूनिट की स्थापना से रीवा आने वाले समय में कृत्रिम अंग निर्माण और दिव्यांग पुनर्वास सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। यह केंद्र न केवल प्रदेश बल्कि आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों के लिए भी वरदान साबित होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। यह यूनिट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सेवा और मानवता का पर्याय बनी रेडक्रास समिति

श्री शुक्ल ने भारतीय रेडक्रास समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने हमेशा गरीबों, पीड़ितों और जरूरतमंदों की सेवा को अपना धर्म माना है। विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान समिति ने मानव सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। रेडक्रास के स्वयंसेवकों और समाजसेवियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर जरूरतमंदों तक निःशुल्क खाद्यान्न पहुंचाया और संकट की घड़ी में समाज के लिए सहारा बने।
उन्होंने कहा कि सेवा और समर्पण की यही भावना रेडक्रास को एक विशिष्ट संस्था बनाती है।
ब्लड सेपरेशन यूनिट से बढ़ेगी जीवन बचाने की क्षमता
कार्यक्रम में ब्लड सेपरेशन यूनिट का भी लोकार्पण किया गया। यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस तकनीक के माध्यम से एक यूनिट रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर तीन अलग-अलग मरीजों के उपचार में उपयोग किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे रक्तदान की उपयोगिता कई गुना बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित हो चुकी है समिति
भारतीय रेडक्रास समिति के चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने बताया कि उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के विशेष सहयोग से समिति को आधुनिक भवन, कृत्रिम अंग निर्माण यूनिट और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने कहा कि समिति पिछले कई वर्षों से पीड़ित मानवता की सेवा के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पिछले तीन वर्षों में महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित भी की जा चुकी है।
रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश

समारोह के दौरान रेडक्रास समिति की रक्तदान इकाई के प्रथम दिवस पर डॉ. शिवेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. महादेवी चतुर्वेदी और सुवर्णा चतुर्वेदी ने रक्तदान कर समाज को मानवता और सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रास समिति के उपाध्यक्ष जयंत खन्ना, ए.के. खान, सचिव राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, पूर्व डीआईजी डी.पी. सिंह, श्रीमती ममता सिंह, श्री प्रदीप गौतम सुमन, श्री रामायण गौतम, सिविल सर्जन डॉ. प्रतिभा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दिव्यांग कल्याण की दिशा में मील का पत्थर
रीवा में स्थापित यह आधुनिक कृत्रिम अंग निर्माण यूनिट और ब्लड सेपरेशन यूनिट प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहल न केवल हजारों दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी, बल्कि रीवा को सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य नवाचार के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
