खंडवा- वर्षा ऋतु के आगमन और बोवनी के सीजन के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और खेतों की सीमाओं को लेकर विवादों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे मामलों के कारण कई बार सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए खंडवा जिला प्रशासन ने पुलिस और राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से जिलेभर में विशेष संयुक्त शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन किया, जिसमें लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की पहल की गई।
जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में राजस्व और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गईं। इन टीमों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी शामिल रहे। इन अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर जमीन से जुड़े विवादों और अन्य शिकायतों की सुनवाई की।
118 शिकायतें प्राप्त, 50 से अधिक मामलों का मौके पर समाधान
संयुक्त शिकायत निवारण अभियान के दौरान जिलेभर में कुल 118 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 50 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया। जिन मामलों में राजस्व अभिलेखों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और मौके के निरीक्षण की आवश्यकता है, उन मामलों के लिए संबंधित पक्षों को तिथि और समय निर्धारित कर आगे की सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
प्रशासन का मानना है कि यदि जमीन संबंधी विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो बड़े विवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को रोका जा सकता है।
खालवा में भी लगा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर

खालवा तहसील में आयोजित संयुक्त शिकायत निवारण शिविर में तहसीलदार श्री राजेश कोचले, नायब तहसीलदार श्री विनोद यादव और खालवा थाना प्रभारी श्री जगदीश सिंधिया, जनपद पंचायत सीईओ ने संयुक्त रूप से आवेदनों की सुनवाई की। अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर निराकरण किया, जबकि जटिल प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों और सीमांकन प्रक्रिया के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
खालवा थाना प्रभारी श्री जगदीश सिंधिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और खेतों को लेकर होने वाले विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों की समस्याओं का समाधान आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समय पर किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।
बोवनी के समय बढ़ जाते हैं भूमि विवाद
प्रशासन के अनुसार, हर वर्ष बोवनी के मौसम में खेतों की मेड़, सीमांकन, कब्जे और रास्तों को लेकर पड़ोसी किसानों के बीच विवादों की संख्या बढ़ जाती है। कई बार छोटे विवाद भी बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। इसी कारण इस वर्ष जिला प्रशासन ने पहले से ही संयुक्त शिकायत निवारण अभियान शुरू कर लोगों को राहत देने का प्रयास किया है।
लोगों ने की पहल की सराहना
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्व विभाग की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर दोनों विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन संबंधी किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन और पुलिस से संपर्क करें तथा ऐसे संयुक्त शिकायत निवारण शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
पुलिस और राजस्व विभाग का यह संयुक्त अभियान न केवल जमीन विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में भी प्रभावी पहल साबित हो रहा है।
