शुद्ध पेयजल, सुरक्षित शहर और आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ता खंडवा: महापौर अमृता अमर यादव ने जल संयंत्रों और निर्माणाधीन फायर स्टेशन का किया निरीक्षण

खंडवा- शहर के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आधुनिक अग्निशमन सुविधाओं के विकास की दिशा में नगर पालिक निगम खंडवा लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने नगर निगम के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख जल प्रदाय संयंत्रों तथा निर्माणाधीन आधुनिक फायर स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल गुणवत्ता की मौके पर जांच कराई गई, जिसमें सभी मानक संतोषजनक पाए गए। वहीं निर्माणाधीन फायर स्टेशन में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में नगर निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा, एमआईसी सदस्य श्री राजेश यादव, श्री सोमनाथ काले, श्री विक्की भांवरे, श्री दीना पवार, पार्षद श्री संतोष सर्वन, श्री वेद प्रकाश मालाकार, निगम प्रवक्ता श्री सुनील जैन, निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पेयजल गुणवत्ता की मौके पर जांच, सभी मानक मिले संतोषजनक

निरीक्षण की शुरुआत सर्किट हाउस स्थित जल वितरण केंद्र एवं डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन से हुई। यहां महापौर ने अधिकारियों को शहर में आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जल परीक्षण की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

परीक्षण के दौरान पानी के रंग (Colour), स्वाद (Taste), गंध (Odour), टर्बिडिटी (Turbidity), पीएच (pH), एल्केलिनिटी (Alkalinity), हार्डनेस (Hardness), टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (TDS), रेसिडुअल क्लोरीन (Residual Chlorine) तथा क्लोराइड (Chloride) सहित सभी प्रमुख मापदंडों की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी पैरामीटर निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शहरवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जसवाड़ी जल शोधन संयंत्र में देखी वैज्ञानिक जल शुद्धिकरण प्रक्रिया

इसके बाद निरीक्षण दल जसवाड़ी जल शोधन संयंत्र पहुंचा, जहां वर्षाकाल के दौरान नदी से आने वाले मटमैले पानी को वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध पेयजल में परिवर्तित करने की व्यवस्था का अवलोकन किया गया।

महापौर ने जल शोधन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले फिटकरी (एलम) और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल स्रोतों में गंदलापन बढ़ जाता है, ऐसे समय जल शोधन व्यवस्था और अधिक सतर्कता एवं गुणवत्ता के साथ संचालित की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी शिकायत का त्वरित निराकरण किया जाए और नागरिकों को बिना किसी व्यवधान के शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान पंप स्टेशन एवं क्लोरीनेशन स्टेशन की कार्यप्रणाली की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

आधुनिक फायर स्टेशन बनेगा शहर की सुरक्षा का नया केंद्र

निरीक्षण के अंतिम चरण में महापौर एवं निगम के जनप्रतिनिधियों ने लगभग दो एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन आधुनिक फायर स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और भविष्य में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

भवन की विशाल छत को देखते हुए महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए, ताकि वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर को बढ़ाने में योगदान दिया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक फायर स्टेशन में चार अग्निशमन वाहनों के संचालन और पार्किंग की समुचित व्यवस्था होगी। इसके अलावा यहां फायर सेफ्टी एवं डिजास्टर मैनेजमेंट प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों, संस्थानों और आम नागरिकों को आगजनी एवं आपदा की स्थिति में बचाव के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं

महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन फायर स्टेशन का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि शहर की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है। पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और नागरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार सुधार कर खंडवा को एक बेहतर और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

शहर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

 

इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया कि नगर निगम केवल नई परियोजनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और दीर्घकालिक प्रभाव पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। एक ओर जहां नागरिकों को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक फायर स्टेशन जैसी परियोजनाएं शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगी। रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे पर्यावरणीय उपायों को शामिल कर नगर निगम ने सतत विकास की दिशा में भी सकारात्मक पहल की है, जो आने वाले वर्षों में खंडवा के समग्र और संतुलित विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगी।

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