जबलपुर- मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बीच मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने विद्युत पारेषण नेटवर्क के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अगस्त माह में कंपनी ने 135.90 सर्किट किलोमीटर लंबाई की 132 केवी की छह ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण एवं सेकंड सर्किट के कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इन परियोजनाओं में रेलवे के लिए निर्मित एक महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन भी शामिल है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण निर्माण कार्यों के सामने कई तरह की व्यावहारिक और भौगोलिक चुनौतियां बनी हुई थीं। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको के अभियंताओं और मैदानी कर्मचारियों ने कार्यों को गति देते हुए निर्धारित परियोजनाओं को पूरा किया।
विद्युत पारेषण व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
इन ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण एवं सेकंड सर्किट के कार्य पूर्ण होने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत पारेषण क्षमता में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और प्रणाली की परिचालन दक्षता को मिलेगा। साथ ही भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करने में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एमपी ट्रांसको के अभियंताओं एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्युत पारेषण व्यवस्था को लगातार सुदृढ़, विश्वसनीय और सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार वर्षा के बीच कर्मचारियों ने समर्पण एवं दक्षता के साथ कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
अगस्त में छह प्रमुख परियोजनाओं को मिली पूर्णता
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल के अनुसार अगस्त माह में छह महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं के कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें 132 केवी डबल सर्किट सिंगल स्ट्रिंग आलोट–ताल ट्रांसमिशन लाइन के सेकंड सर्किट का 19.56 सर्किट किलोमीटर कार्य शामिल है।
इसी प्रकार गंज बासौदा–सहरवासा लाइन के सेकंड सर्किट का 28.92 सर्किट किलोमीटर तथा कैमोर–बरही लाइन के सेकंड सर्किट का 32.40 सर्किट किलोमीटर कार्य पूरा किया गया है। इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों में ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता को मजबूती मिलेगी।
रेलवे ट्रैक्शन लाइन का कार्य भी पूरा
अगस्त माह की उपलब्धियों में सनावद 132 केवी सबस्टेशन से आरटीएस निमारखेड़ी तक 15.90 सर्किट किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल फेज डबल वायर रेलवे ट्रैक्शन लाइन का निर्माण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इस लाइन का निर्माण लंबे समय से गंभीर निर्माण चुनौतियों के कारण पूरा नहीं हो पा रहा था। परियोजना को पूरा कराने में स्थानीय प्रशासन ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। प्रशासन के सहयोग और एमपी ट्रांसको की टीम के सतत प्रयासों से यह कार्य भी गहन वर्षाकाल के दौरान पूरा किया गया।
रेलवे ट्रैक्शन के लिए तैयार की गई यह लाइन न केवल एमपी ट्रांसको के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि रेलवे की विद्युत आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
बिलकिसगंज और रतनगढ़ क्षेत्र में भी बढ़ी पारेषण क्षमता
कंपनी द्वारा बिलकिसगंज–मुगालिया छाप लाइन के सेकंड सर्किट का 17.27 सर्किट किलोमीटर तथा रतनगढ़–सिंगोली लाइन के सेकंड सर्किट का 21.85 सर्किट किलोमीटर निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है।
इन परियोजनाओं के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में ट्रांसमिशन नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। सेकंड सर्किट के कार्य पूरे होने से विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक लचीला और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
भविष्य की बिजली मांग के लिए मजबूत हो रहा नेटवर्क
मध्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों, कृषि क्षेत्र, शहरीकरण और घरेलू बिजली खपत में लगातार वृद्धि के साथ विद्युत की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पादित बिजली को विभिन्न क्षेत्रों तक विश्वसनीय तरीके से पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है।
एमपी ट्रांसको द्वारा लगातार नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण और मौजूदा लाइनों के सेकंड सर्किट का कार्य इसी व्यापक आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में किया जा रहा है। अगस्त में 135.90 सर्किट किलोमीटर की छह परियोजनाओं का पूरा होना इसी क्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बारिश में काम पूरा करना टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण
लगातार बारिश के दौरान ट्रांसमिशन लाइन निर्माण में मैदानी स्तर पर कई कठिनाइयां सामने आती हैं। भारी बारिश से आवागमन, सामग्री परिवहन, टावर निर्माण और लाइन स्ट्रिंगिंग जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको की टीम ने कार्यों को जारी रखते हुए निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया।
मुख्य अभियंता श्री सिंघल ने कहा कि इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ने के साथ विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता और मजबूत होगी।
अगस्त माह में पूरी की गई ये छह परियोजनाएं मध्य प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। भारी बारिश के बीच 135.90 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का कार्य पूरा कर एमपी ट्रांसको ने यह साबित किया है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के कार्य निरंतर जारी हैं।
