खंडवा- नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी में हुई जनहानि पर खंडवा के सद्भावना मंच ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंच के सदस्यों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुखद घटना से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना एवं सहानुभूति प्रकट की।
सद्भावना मंच के सदस्य कमल नागपाल ने बताया कि मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने नेपाल में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु तथा कई लोगों के लापता होने की खबर को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारों का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। ऐसे कठिन समय में पीड़ितों के साथ संवेदनात्मक रूप से खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी है।
मानवता और संवेदना का संदेश
प्रमोद जैन ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं किसी सीमा, धर्म या समुदाय को नहीं देखतीं। जब भी ऐसी विपदा आती है, तब मानवता सबसे बड़ी पहचान बनकर सामने आती है। पीड़ितों के दुख में सहभागी बनना और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करना ही सच्ची मानवीयता है।
उन्होंने कहा कि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति पूरा समाज संवेदनशील है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दुख में सहभागी होते हुए सद्भावना मंच ने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
ओंकारेश्वर हादसे पर भी जताया दुख
सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने ओंकारेश्वर में विगत माह डूबने से हुई जनहानि पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपने ही क्षेत्र में हुई ऐसी घटनाएं भी अत्यंत पीड़ादायक हैं। उन्होंने ओंकारेश्वर हादसे में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोने का दुख अत्यंत कठिन होता है। ऐसे समय में समाज की संवेदना और सहयोग पीड़ित परिवारों को मानसिक संबल प्रदान कर सकता है।
दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सद्भावना मंच के सदस्यों ने नेपाल बाढ़ त्रासदी तथा ओंकारेश्वर हादसे में दिवंगत सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उपस्थित सदस्यों ने शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की।
इस अवसर पर सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन, कैलाश शर्मा, सुरेंद्र गीते, योगेश गुजराती, एन.के. दवे, सुनील सोमानी, राधेश्याम शाक्य, के.बी. मंसारे, कमल नागपाल, गणेश भावसार, अनीता धोत्रे, निमिषा धोत्रे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संवेदना से मजबूत होता है समाज
कार्यक्रम के माध्यम से सद्भावना मंच ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में संवेदना और मानवीयता ही समाज को जोड़ने का काम करती है। किसी प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके परिजनों के दुख में सहभागी बनने और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भाव है।
सद्भावना मंच ने नेपाल त्रासदी में दिवंगत सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
